यूपी: 12 वर्ष पुराना सामूहिक हत्याकांड का मामला, दस आरोपियों को आजीवन कारावास
ललपुरा थाना क्षेत्र में 12 साल पहले जमीनी विवाद में एक ही परिवार के छह लोगों की बेरहमी से हत्या करने वाले दस आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 12 साल पहले दंपती और उनके चार मासूमों की सामूहिक हत्या के मामले में दस आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय सुनीता शर्मा की अदालत ने दस आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
इस मामले पर अधिक जानकारी देते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक शुक्ला और प्रवीन भदौरिया ने बताया कि ललपुरा थानाक्षेत्र के मोराकांदर गांव में 27 फरवरी 2010 को जगदीश (44), उसकी पत्नी बृजलता (38), पुत्र अजय प्रताप (14), अभय प्रताप (10) , गुड्डा उर्फ गुड्डू (3) और बेटी आकांक्षा (12) की धारदार हथियार से सामूहिक हत्या कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि जमीनी विवाद के चलते हत्यारोपियों गौरीशंकर माली उनके पुत्र सत्ते उर्फ सत्यप्रकाश व प्रेम प्रकाश, कामता प्रसाद व उसका भाई ओमप्रकाश और चचेरे भाई धनंजय सिंह, अमित कुमार व उसका भाई सुमित कुमार और चचेरे भाई आशीष व संतोष भुर्जी के खिलाफ मृतक जगदीश सिंह के छोटे भाई अमर सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस जघन्य हत्याकांड के सभी आरोपियों को तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय सिंह ने 27 फरवरी 2010 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से आरोपी जेल में ही हैं। किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिली है। वहीं, अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्याकांड के पीछे मृतक जगदीश ने अपनी करीब सात बीघा जमीन का बैनामा आरोपी गौरीशंकर माली को किया था। जिस पर उसकी पत्नी बृजलता ने तहसीलदार के यहां आपत्ति लगा दी थी। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की थी।