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फर्रुखाबाद: 23 साल पुराने हत्या के मामले में प्रधान पति समेत सात को आजीवन कारावास, दोषियों पर पांच लाख का जुर्माना
Tue, 22 Mar 2022 08:36 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 22 Mar 2022 08:36 PM IST
सार
युवक की हत्या के मामले में सातों दोषसिद्ध लोगों को जिला जेल से पुलिस सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फर्रुखाबाद जिले में अपर जिला जज कृष्ण कुमार ने युवक की हत्या और तीन को घायल करने के मामले में दोषसिद्ध होन पर प्रधान के पति समेत सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो लोगों पर 2.18 लाख और पांच लोगों पर 2.95 लाख रुपये जुर्माना किया गया।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गैसिंगपुर निवासी वीरेंद्र पाल सिंह की गांव के पूर्व प्रधान शरद उर्फ छोटे भाई उर्फ मोनू राठौर से पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में 23 अप्रैल 1999 की सुबह वर्तमान में प्रधान इच्छा देवी के पति शरद उर्फ मोनू राठौर अपने अन्य साथियों के साथ असलहा लेकर वीरेंद्र पाल सिंह के घर में घुस गए और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे।
इसमें वीरेंद्र पाल सिंह के पुत्र सुखेंद्र सिंह की मौत हो गई। हमलावरों ने वीरेंद्र पाल सिंह, उनके भाई राजवीर सिंह व श्यामवीर सिंह को लाठी-डंडों से पीट कर घायल कर दिया और धमकी देकर सभी लोग भाग गए थे।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गैसिंगपुर निवासी वीरेंद्र पाल सिंह की गांव के पूर्व प्रधान शरद उर्फ छोटे भाई उर्फ मोनू राठौर से पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में 23 अप्रैल 1999 की सुबह वर्तमान में प्रधान इच्छा देवी के पति शरद उर्फ मोनू राठौर अपने अन्य साथियों के साथ असलहा लेकर वीरेंद्र पाल सिंह के घर में घुस गए और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे।
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इसमें वीरेंद्र पाल सिंह के पुत्र सुखेंद्र सिंह की मौत हो गई। हमलावरों ने वीरेंद्र पाल सिंह, उनके भाई राजवीर सिंह व श्यामवीर सिंह को लाठी-डंडों से पीट कर घायल कर दिया और धमकी देकर सभी लोग भाग गए थे।
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वीरेंद्र पाल सिंह ने गांव के रहने वाले शरद उर्फ छोटे भइया उर्फ मोनू राठौर, दीपू, संजीव उर्फ राजीव उर्फ छोटे गुड्डू, आकश, गांव निसाई निवासी रामेश्वर, जागेश्वर व रामसेवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेजसिंह राजपूत, राजीव भगोलीवाल, संजीव कुमार पाल ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने सभी को हत्या, बलवा, घर में घुस कर मारपीट के जुर्म में 16 मार्च को दोषी पाकर जिला कारागार भेज दिया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेजसिंह राजपूत, राजीव भगोलीवाल, संजीव कुमार पाल ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने सभी को हत्या, बलवा, घर में घुस कर मारपीट के जुर्म में 16 मार्च को दोषी पाकर जिला कारागार भेज दिया था।
मंगलवार को सातों दोषसिद्ध लोगों को जिला जेल से पुलिस सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शरद उर्फ छोटे भइया उर्फ मोनू राठौर और दीपू पर 1.09-1.09 लाख रुपये व संजीव उर्फ राजीव, आकाश, रामेश्वर, जागेश्वर, रामसेवक पर 59000-59000 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना राशि वसूल होने पर उसकी 60 प्रतिशत वादी वीरेंद्र पाल सिंह और घायल राजवीर सिंह व श्यामवीर सिंह को 10-10 प्रतिशत सहायता राशि दिए जाने का आदेश दिया है।