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खेत से घर लौट रही थी मासूम, दरिंदों ने घसीटकर बनाया था दुष्कर्म का शिकार, अब मिली उम्रकैद
Fri, 05 Apr 2019 10:52 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Apr 2019 10:52 PM IST
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छात्रा के साथ दुष्कर्म (फाइल फोटो)
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औरैया में अपर जिला जज लल्लू सिंह ने एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दिबियापुर थाना क्षेत्र के चार दोषियों को आजीवन कारावास व प्रत्येक सजायाफ्ता पर 2.10 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने फैसले में टिप्पणी की है कि बलात्कार बहुत ही कष्टदायी और मानसिक पीड़ा को उत्पन्न करने वाला अपराध है।
शारीरिक घाव भरे जा सकते हैं लेकिन मानसिक घाव भरना संभव नहीं होता। बलात्कार से जो घाव उत्पन्न होते हैं, वे मानसिक होते हैं जो पीड़िता की मृत्यु के बाद ही समाप्त होते हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार दिबियापुर थाने में वादिनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अगस्त वर्ष 2017 की शाम लगभग 7:30 बजे उसकी 11 वर्षीय पुत्री अपनी छोटी बहन के साथ खेतों की ओर शौच के लिए गई थी।
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शारीरिक घाव भरे जा सकते हैं लेकिन मानसिक घाव भरना संभव नहीं होता। बलात्कार से जो घाव उत्पन्न होते हैं, वे मानसिक होते हैं जो पीड़िता की मृत्यु के बाद ही समाप्त होते हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार दिबियापुर थाने में वादिनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अगस्त वर्ष 2017 की शाम लगभग 7:30 बजे उसकी 11 वर्षीय पुत्री अपनी छोटी बहन के साथ खेतों की ओर शौच के लिए गई थी।
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मानसिक पीड़ा को उत्पन्न करने वाला अपराध है दुष्कर्म
तभी गांव के जीतू पुत्र सुरेश, गौरव, लोली व अमजद खां वहां पहुंचे और छोटी पुत्री को तमंचा दिखाकर भगा दिया। बड़ी पुत्री को खेतों की ओर खींच ले गए। वहां चारों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस पर थाना दिबियापुर में गौरव पुत्र रमाकांत, लोली पुत्र किशन सिंह, अमजद खां पुत्र अलबक्श, जीतू पुत्र सुरेश के विरुद्ध धारा 376 डी/34, 506 व 3/4 पॉक्सो का मामला दर्ज हुआ।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह मामला अपर जिला जज लल्लू सिंह की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जितेंद्र सिंह तोमर, चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम ने अपना पक्ष रखा।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश लल्लू सिंह ने चारों को आजीवन कारावास व प्रत्येक सजायाफ्ता पर 2.10 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए जाने का आदेश दिया। चारों को जिला जेल इटावा भेज दिया गया।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह मामला अपर जिला जज लल्लू सिंह की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जितेंद्र सिंह तोमर, चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम ने अपना पक्ष रखा।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश लल्लू सिंह ने चारों को आजीवन कारावास व प्रत्येक सजायाफ्ता पर 2.10 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए जाने का आदेश दिया। चारों को जिला जेल इटावा भेज दिया गया।