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एलजीबीटी के दर्द बयां करेगी जया की डिफरेंट शेड्स ऑफ लव, बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा ने लिखी किताब
Fri, 04 Dec 2020 06:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 04 Dec 2020 06:53 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
दूसरे क्या कहेंगे, मुझ पर हंसेंगे, मजाक उड़ाएंगे के डर से बहुत से लोग कभी अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाते। प्यार के कई रंग हैं। इनमें से कुछ ही समाज के सामने आ पाते हैं। लेकिन कुछ रंग समाज के डर से ‘मन की कोठरी’ में कैद रह जाते हैं।
ऐसे ही एलजीबीटी (लेसबियन, गे, बाईसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर) के दर्द को पीपीएन कॉलेज की बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा जया मिश्रा ने अपनी किताब ‘डिफरेंट शेड्स ऑफ लव’ में उभारा है। वह अपनी इस किताब को 13 दिसंबर को लांच करेंगी।
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ऐसे ही एलजीबीटी (लेसबियन, गे, बाईसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर) के दर्द को पीपीएन कॉलेज की बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा जया मिश्रा ने अपनी किताब ‘डिफरेंट शेड्स ऑफ लव’ में उभारा है। वह अपनी इस किताब को 13 दिसंबर को लांच करेंगी।
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लिखने का शौक रखने वालीं जया की कल्पनाओं को पंख लॉकडाउन के दौरान लगे। जून में उन्होंने इस किताब को लिखने की शुरुआत की। वह कहती हैं कि बोल्ड टॉपिक होने से पहले एक बारगी उनकी हिम्मत डगमगाने लगी।
लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ फिर पांच अगस्त से उन्होंने किताब लिखनी शुरू की और 16 अक्तूबर को इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। उनके मुताबिक 240 पन्नों की इस किताब में नौ शार्ट स्टोरीज हैं। इनमें एलजीबीटी का दर्द बयां करने के साथ उनके अनुभवों को भी शामिल किया गया है।
इसके लिए ऐसे कई लोगों से फोन पर बात की गई। कई रिसर्च, वीडियो देखने के साथ किताबें भी पढ़ीं। शुक्लागंज (उन्नाव) निवासी जया के पिता विजय कुमार मिश्रा बिजनेसमैन और मां मंजू मिश्रा गृहिणी हैं। जया ने बताया कि उनकी यह किताब अमेजन पर भी उपलब्ध रहेगी। किताब की लांचिंग 13 दिसंबर को किदवई नगर में होगी।
लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ फिर पांच अगस्त से उन्होंने किताब लिखनी शुरू की और 16 अक्तूबर को इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। उनके मुताबिक 240 पन्नों की इस किताब में नौ शार्ट स्टोरीज हैं। इनमें एलजीबीटी का दर्द बयां करने के साथ उनके अनुभवों को भी शामिल किया गया है।
इसके लिए ऐसे कई लोगों से फोन पर बात की गई। कई रिसर्च, वीडियो देखने के साथ किताबें भी पढ़ीं। शुक्लागंज (उन्नाव) निवासी जया के पिता विजय कुमार मिश्रा बिजनेसमैन और मां मंजू मिश्रा गृहिणी हैं। जया ने बताया कि उनकी यह किताब अमेजन पर भी उपलब्ध रहेगी। किताब की लांचिंग 13 दिसंबर को किदवई नगर में होगी।