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लेखपाल भर्ती परीक्षा: कानपुर से सात मुन्नाभाई गिरफ्तार, मेटल डिटेक्टर भी नहीं पकड़ सका डिवाइस, पढ़िए पूरा मामला

Mon, 01 Aug 2022 01:26 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 01 Aug 2022 01:26 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से रविवार को राजस्व लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे के बीच जिले के 85 केंद्रों पर आयोजित हुई। मुख्यालय के इनपुट पर कानपुर एसटीएफ यूनिट ने शहर में शातिर मुन्नाभाई खोज निकाले।

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Lekhpal Recruitment Exam, Seven Munnabhai arrested from Kanpur city
लेखपाल भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया सॉल्वर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में लेखपाल भर्ती परीक्षा में रविवार को बड़े पैमाने पर सेंधमारी हुई। शहर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से सात मुन्ना भाई दबोचे गए। ब्लूटूथ की मदद से ये सभी नकल कर रहे थे। एसटीएफ कानपुर यूनिट ने मुख्यालय के इनपुट पर कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अभ्यर्थी हैं। सॉल्वर फोन कॉल के जरिये इनको नकल करवा रहे थे। एसटीएफ की टीम इनसे पूछताछ करने में जुटी है।

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एसटीएफ मुख्यालय के इनपुट पर सबसे पहले वाराणसी और प्रयागराज में कार्रवाई शुरू हुई। वहां पर पकड़े गए सॉल्वरों से कानपुर संबंधी इनपुट मिला, जिसके बाद एसटीएफ कानपुर यूनिट ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर दबिश देकर जय सिंह पटेल, रणविजय, जितेंद्र सिंह, रवि कुमार, सौरभ, अजीत और करन पटेल को गिरफ्तार किया।
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उनके पास से ब्लूटूथ व एक अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद किए। पूछताछ में अभ्यर्थियों ने नकल करने की पूरी बात कबूली। किस तरह से वह इसमें शामिल हुए और कौन-कौन इसके पीछे हैं, इस बारे में भी जानकारी दी। एसटीएफ उनके इनपुट पर आगे की कार्रवाई करने में जुटी है।

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दो अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में हो चुके थे दाखिल
एसटीएफ के मुताबिक सूचना मिलने के बाद संबंधित केंद्रों पर दबिश शुरू की गई। इस दौरान गोविंद नगर से जय सिंह व रणविजय को परीक्षा केंद्र के भीतर से पकड़ा। जितेंद्र, रवि, सौरभ, अजीत व करन भीतर दाखिल होने वाले ही थे कि उसके पहले ही टीम ने उनको दबोच लिया। जो दो मुन्ना भाई भीतर दाखिल हुए थे वह वहां की चेकिंग पार कर चुके थे। अगर गिरोह पकड़ा न जाता तो वह आसानी से परीक्षा देकर निकल जाते।

इंटरनेट कॉल के जरिये होती बात
इंटरनेट कॉल के जरिये सभी अभ्यर्थी सॉल्वर के संपर्क में थे। डिवाइस में कोई भी स्पीकर नहीं लगा था। इस वजह से उसमें कोई आवाज नहीं थी। ब्लूटूथ भी बहुत छोटा था जो कान में इस तरह से लगा हुआ था कि कोई समझ ही नहीं सका। इंटरनेट कॉल इसलिए की गई थी, जिससे सॉल्वर व अभ्यर्थी का कनेक्शन जांच एजेंसियां न पकड़ पाएं लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इस तरह शहर में मुन्नाभाई तक पहुंची एसटीएफ
एसटीएफ मेरठ यूनिट ने संदीप कुमार की जगह पर सॉल्वर मोहित को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पूरे नेटवर्क की जानकारी हुई। मेरठ एसटीएफ के अफसरों ने जानकारी मुख्यालय के अफसरों से साझा की, जहां से संबंधित जिलों की यूनिट को जानकारी दी गई। उसी आधार पर कार्रवाई शुरू हुई।

इनकी हुई गिरफ्तारी

  • जय सिंह पटेल, श्रीमती माया देवी बालिका इंटर कॉलेज, गोविंद नगर
  • रणविजय, प्रयाग विद्या मंदिर
  • जितेंद्र सिंह, आर्य भट्ट इंटर कॉलेज
  • रवि कुमार, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
  • सौरभ
  •  अजीत
  • करन

मेटल डिटेक्टर भी नहीं पकड़ सका सॉल्वरों का डिवाइस
लेखपाल भर्ती में सेंधमारी करने वाला गिरोह बेहद शातिर है, अभ्यर्थियों के कानों में रबर का ब्लूटूथ लगा था, एक हाथ की बाजू पर डिजिटल चिप बंधी थी जो केंद्रों में लगे मेटल डिटेक्टर तक में पकड़ में नहीं आई। चिप के जरिये इंटरनेट कॉल से वे सॉल्वर से जुड़े थे। गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने बताया कि दस-दस लाख रुपये में भर्ती परीक्षा पास कराने का ठेका दिया था।

प्रयागराज का है सरगना, उसी ने दी थी डिवाइस
एसटीएफ के साथ मिलकर कमिश्नरी पुलिस ने शहर में कार्रवाई की है। अभ्यर्थियों के पास से बरामद चिप और ब्लूटूथ को देखकर अफसर भी चौंक गए। चिप में ही एक सिम लगा हुआ है, जिसे अभ्यर्थियों ने बाजू पर बांध रखा था। चिप बहुत ही छोटी है, स्किन कलर का रबर का ब्लू टूथ है।

तीन दिनों तक दी थी ट्रेनिंग
अभ्यर्थियों ने बताया कि दस-दस लाख रुपये में प्रयागराज निवासी विजय कांत पटेल ने परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था। कुछ रकम एडवांस बाकी परीक्षा पास होने के बाद देने का सौदा हुआ था। उसी ने ब्लूटूथ और चिप भी दी थी। गिरोह ने इन सभी को प्रयागराज बुलाकर डिवाइस का इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग की दी थी। जिसमें बताया था कि किस तरह से इसे नेट से कनेक्ट कर ब्लूटूथ से कनेक्ट करना है और कैसे कॉल करनी है।

सुबह पांच बजे से सक्रिय हुई थी एसटीएफ
एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर सॉल्वर बैठने वाले हैं। इसलिए अलग-अलग टीमें शहर में सक्रिय हो गईं थीं। वह परीक्षा केंद्रों के आसपास ही थे। उसके पहले ही डिवाइस लेकर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों के बारे में टीम को जानकारी मिल गई। इसलिए उनकी गिरफ्तारी शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक बहुत से सॉल्वर भी परीक्षा देने पहुंचे थे लेकिन वह दाखिल नहीं हो सके। कार्रवाई की जानकारी होते ही वह वहां से निकल गए।

कोचिंग सेंटरों के जरिये करते हैं संपर्क
एसटीएफ को जानकारी मिली है कि सॉल्वर गैंग के सदस्य शहरों की कोचिंग मंडी में सक्रिय हैं। वहीं से वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों से संपर्क करते हैं। उनमें से कोई न कोई उनके जाल में फंस जाते हैं। पूर्वांचल के कई सॉल्वर गैंग सक्रिय हैं।

प्रयागराज में है मास्टरमाइंड
एसटीएफ के मुताबिक नकल व शिक्षा माफिया डॉ. केएल पटेल का करीबी है संदीप पेटल व विजय कांत पटेल। इन दोनों ने मिलकर परीक्षा में सेंधमारी की। मास्टरमाइंड डॉ. केएल पटेल है। ये सभी प्रयागराज के रहने वाले हैं। प्रयागराज एसटीएफ ने इन सभी को वहां से दबोचा है। केएल पटेल का प्रयागराज में आईटीआई का कॉलेज है। विजयकांत वहां काम कर चुका है। उसके बाद यह पूरा गिरोह चलाने लगे।

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