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Kanpur News: थाना दिवस में काली पट्टी बांधकर पहुंचे लेखपाल
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कानपुर देहात/झींझक। भत्ता वृद्धि समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल 22 सितंबर से अतिरिक्त क्षेत्र के कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। नौ अक्तूबर से प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ कर लेखपाल संपूर्ण ऑनलाइन कार्य बहिष्कार पर हैं। शनिवार को इसी क्रम में लेखपाल थाना समाधान दिवस में काली पट्टी बांधकर पहुंचे।
खरीफ विपणन सीज़न में मक्का, ज्वार व बाजरा की खरीद शुरू होनी है। इसके लिए किसान ऑनलाइन पंजीयन करा रहे हैं। इधर अब लेखपाल संपूर्ण ऑनलाइन कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। इससे पहले अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के बस्ते लेखपालों ने 22 सितंबर को भूलेख कार्यालय में जमा कर दिए थे। इससे आय, जाति, निवास, वरासत, जमीन की पैमाइश आदि के काम प्रभावित थे। लेकिन अब संपूर्ण ऑनलाइन काम ठप हो गए हैं। अनाज बेचने के लिए सत्यापन में लेखपालों की रिपोर्ट की जरूरत रहती है। आंदोलन लंबा खिंचने की आशंका को लेकर किसान भी परेशान हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला ने बताया कि अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया है। मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। इस दौरान लेखपाल देवराज सिंह, निगम सिंह, अनुज चौबे, शिवम शुक्ला, जितेंद्र सिंह, रामजी चतुर्वेदी, रोहिताश्व वर्मा, दीप्ति देवी और ऋचा सिंह समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
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इधर, अकबरपुर इकाई अध्यक्ष राकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने के बाद समस्त ऑनलाइन कार्यों (आय, जाति, निवास, प्रमाणपत्र व वरासत रिपोर्ट, किसान पंजीयन, सत्यापन आदि) का बहिष्कार चल रहा है। 12 अक्तूबर को तहसील व जिला मुख्यालय पर शिविर में रक्तदान किया जाएगा। 14 अक्तूबर को अपराह्न एक बजे जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। 17 अक्तूबर से 23 अक्तूबर तक संपूर्ण कार्य बहिष्कार और तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन की रूपरेखा तय है।
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खरीफ विपणन सीज़न में मक्का, ज्वार व बाजरा की खरीद शुरू होनी है। इसके लिए किसान ऑनलाइन पंजीयन करा रहे हैं। इधर अब लेखपाल संपूर्ण ऑनलाइन कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। इससे पहले अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के बस्ते लेखपालों ने 22 सितंबर को भूलेख कार्यालय में जमा कर दिए थे। इससे आय, जाति, निवास, वरासत, जमीन की पैमाइश आदि के काम प्रभावित थे। लेकिन अब संपूर्ण ऑनलाइन काम ठप हो गए हैं। अनाज बेचने के लिए सत्यापन में लेखपालों की रिपोर्ट की जरूरत रहती है। आंदोलन लंबा खिंचने की आशंका को लेकर किसान भी परेशान हैं।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला ने बताया कि अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया है। मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। इस दौरान लेखपाल देवराज सिंह, निगम सिंह, अनुज चौबे, शिवम शुक्ला, जितेंद्र सिंह, रामजी चतुर्वेदी, रोहिताश्व वर्मा, दीप्ति देवी और ऋचा सिंह समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
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इधर, अकबरपुर इकाई अध्यक्ष राकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने के बाद समस्त ऑनलाइन कार्यों (आय, जाति, निवास, प्रमाणपत्र व वरासत रिपोर्ट, किसान पंजीयन, सत्यापन आदि) का बहिष्कार चल रहा है। 12 अक्तूबर को तहसील व जिला मुख्यालय पर शिविर में रक्तदान किया जाएगा। 14 अक्तूबर को अपराह्न एक बजे जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। 17 अक्तूबर से 23 अक्तूबर तक संपूर्ण कार्य बहिष्कार और तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन की रूपरेखा तय है।