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अकबरपुर के जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में निरीक्षण से इनकार पर बंद कराई लेदर फैक्टरी
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कार्रवाई के दौरान मौजूद एसडीएम व सीओ। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। अकबरपुर के जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जामा कॉर्पोरेशन लिमिटेड लेदर फैक्टरी को शनिवार को प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने बंद करा दिया। एसडीएम सदर व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी की मौजूदगी में सभी चार ट्रेनरी ड्रम सील कर दिए गए। यह कार्रवाई निरीक्षण करने पहुंची सीपीसीबी टीम को बैरंग लौटाने पर की गई है।
जैनपुर स्थित लेदर फैक्टरी में कच्चे माल से फिनिश लेदर बनाता है। शून्य वाटर डिस्चार्ज इस फैक्टरी में प्रदूषण की निगरानी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने थर्ड पार्टी निरीक्षण का नियम तय किया है।
इसी को लेकर 29 जनवरी को सीपीसीबी की एक टीम फैक्टरी में निरीक्षण करने पहुंची। यहां फैक्टरी के जीएम ने टीम को प्लांट का निरीक्षण नहीं कराया। वह डायरेक्टर से इसकी अनुमति नहीं होने का हवाला देते रहे।
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इस पर सीपीसीबी की टीम बैरंग लौट गई। निरीक्षण करने आए अफसरों ने इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी। इसे गंभीर मानते हुए सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) को फैक्टरी बंद कराने का आदेश दिया था।
इस पर शनिवार को एसडीएम सदर वागीश कुमार शुक्ला, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी जेपी मौर्य, वैज्ञानिक सहायक जितेंद्र, जेई संदेश व सीओ सदर अरुण कुमार सिंह की टीम ने लेदर फैक्टरी के चार ट्रेनरी ड्रम सील कराए।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि सीपीसीबी की टीम को नियमानुसार निरीक्षण कराने की जिम्मेदारी फैक्टरी प्रबंधन की है। इसके बावजूद फैक्टरी के जीएम ने उनका अनुरोध भी दरकिनार कर दिया था। इसके बाद सीपीसीबी के आदेश पर लेदर फैक्टरी बंद करा दी गई।
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जैनपुर स्थित लेदर फैक्टरी में कच्चे माल से फिनिश लेदर बनाता है। शून्य वाटर डिस्चार्ज इस फैक्टरी में प्रदूषण की निगरानी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने थर्ड पार्टी निरीक्षण का नियम तय किया है।
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इसी को लेकर 29 जनवरी को सीपीसीबी की एक टीम फैक्टरी में निरीक्षण करने पहुंची। यहां फैक्टरी के जीएम ने टीम को प्लांट का निरीक्षण नहीं कराया। वह डायरेक्टर से इसकी अनुमति नहीं होने का हवाला देते रहे।
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इस पर सीपीसीबी की टीम बैरंग लौट गई। निरीक्षण करने आए अफसरों ने इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी। इसे गंभीर मानते हुए सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) को फैक्टरी बंद कराने का आदेश दिया था।
इस पर शनिवार को एसडीएम सदर वागीश कुमार शुक्ला, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी जेपी मौर्य, वैज्ञानिक सहायक जितेंद्र, जेई संदेश व सीओ सदर अरुण कुमार सिंह की टीम ने लेदर फैक्टरी के चार ट्रेनरी ड्रम सील कराए।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि सीपीसीबी की टीम को नियमानुसार निरीक्षण कराने की जिम्मेदारी फैक्टरी प्रबंधन की है। इसके बावजूद फैक्टरी के जीएम ने उनका अनुरोध भी दरकिनार कर दिया था। इसके बाद सीपीसीबी के आदेश पर लेदर फैक्टरी बंद करा दी गई।