UP News: इस डकैत के आगे झुकते थे नेता भी, फतेहपुर में बना है मंदिर, आज मनाई जा रही है पुण्यतिथि
70 के दशक में शिव कुमार पटेल उर्फ ददुआ का नाम चंबल के बीहड़ों में दहशत का पर्याय था। आज सोशल मीडिया पर उसकी पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ददुआ समर्थक बढ़-चढ़कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
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यूपी-एमपी और खासकर बुंदेलखंड के नामी-गिरामी दस्यु सरगना रहे ददुआ उर्फ शिव कुमार पटेल की आज सोशल मीडिया पर पुण्यतिथि मनाई जा रही है। आज ही के दिन 22 जुलाई 2007 को ददुआ पुलिस के हाथों मारा गया था। ददुआ समर्थक सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उसका महिमा मंडन कर रहे रहा हैं।
ददुआ के भाई पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल और पुत्र पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल व भतीजे प्रतापगढ़ विधायक रामसिंह पटेल के फोटो भी श्रद्धांजलि के संदेशों में लगाए गए हैं। ददुआ का भी फोटो है। गौरतलब है कि फतेहपुर के कबरहा गांव में ददुआ का मंदिर बनाया गया है। इसमें ददुआ की मूर्ति लगी है। आज वहां कुछ ख़ास आयोजन भी हो सकते हैं।
चुनाव लड़ने के लिए ददुआ की इजाजत लेनी पड़ती थी
70 के दशक में ददुआ का नाम चंबल के बीहड़ों में दहशत का पर्याय था। लगभग 30 साल चले ददुआ के आतंक का आलम यह था कि अगर किसी को प्रधान, विधायक और सांसद का चुनाव लड़ना होता था। तो ददुआ के आगे चढ़ावा चढ़ाना पड़ता था। हर चुनाव की फीस तय थी। इसके बिना कोई भी नेता चुनाव में आगे नहीं बढ़ सकता था।
400 से ज्यादा मामले दर्ज, 150 से अधिक हत्याएं
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ददुआ पर 400 मामले दर्ज थे, जिनमें 200 डकैती, अपहरण और 150 हत्याएं शामिल थीं। पुलिस और एसटीएफ ने मानिकपुर थाना क्षेत्र के आल्हा गांव के पास झालवाल में 22 जुलाई 2007 को एनकाउंटर में छह लाख के इनामी ददुआ को मार गिराया था।