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आखिरी बार लॉकडाउन के पहले आए थे
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ग्वालियर विमान हादसा- खबर 03
आखिरी बार लॉकडाउन के पहले आए थे
जालौन। चचेरी बहन रुपाली ने बताया कि अज्जू भइया हमेशा देश के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते थे। स्वभाव से काफी रिजर्व होने के कारण बोलते तो कम थे लेकिन एयरफोर्स के रोमांच और देश प्रेम की बातें करते वक्त वे हम बहनों को भी एयरफोर्स की तैयारी करने के लिए प्रेरित करते थे। कहते थे कि अब बेटियां भी एयरफोर्स में अपनी क्षमता का प्रदर्शन बखूबी कर रही है।
बकौल रुपाली उसने तो भाई की बातों से प्रेरित होकर एयरफोर्स की तैयारी भी की थी लेकिन सफल नहीं हो सकी। रुपाली ने बताया कि भइया का फोन अक्सर हम पांच बहनों में से किसी न किसी के पास आया ही करता था। यह बात और है कि सर्विस की व्यस्तता के कारण वे ज्यादा समय बात नहीं करते थे, सिर्फ पापा मम्मी के साथ पूरे घर के हाल चाल पूछकर फिर से फोन करने को कहते हुए बात खत्म कर देते थे। आखिरी मर्तबा लॉकडाउन के पहले किसी दोस्त की शादी में अज्जू भाई उरई स्थित घर आए थे।
बोले साथी, आता था तो मिलता जरूर था
आशीष के जहाज की दुर्घटना की खबर मिलते ही उसके करीबी साथियों की जुबान पर सिर्फ आशीष के ही चर्चे थे। घर के पास उसके साथी रवि गुप्ता, सुमित, प्रेमनाथ आदि खड़े होकर कैप्टन आशीष के विषय में ही चर्चा कर रहे थे। साथियों ने बताया कि यूं तो आशीष का आना जाना काफी कम था लेकिन आता था तो तीन चार दिन रहता था और हम सबसे से भी एक बार मिलता जरूर था। उसे भुलाना आसान नहीं होगा।
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2010 में छाया से हुई थी कैप्टन की शादी
मोहल्ले के बुजुर्ग और वैश्य एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने बताया कि अज्जू उन्हें भी अपने चाचा की तरह ही मानता था। जबसे घटना के बारे में जानकारी हुई है, दिल दुखी हो गया है। विश्वास ही नहीं होता है कि वह अब हमारे बीच नहीं है। सुरेश गुप्ता ने बताया कि अज्जू की शादी 2010 में झांसी के गुरसराय के मोदी परिवार की बेटी छाया से हुई थी। हम सभी उसकी शादी में शामिल भी हुए थे।
फोटो-12-कैप्टन आशीष की फाइल फोटो।
फोटो-13-पत्नी छाया, बेटे अतिन, टिनटिन के साथ कैप्टन आशीष की फाइल फोटो।
फोटो-14-आशीष व पत्नी छाया की फाइल फोटो।
फोटो-15-एक शादी समारोह में पत्नी छाया के साथ खड़े कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
फोटो-16-आशीष के उरई स्थित गोपालगंज मोहल्ले में घर में मौजूद चचेरी बहन सोनम व मौली।
फोटो-22-गोपालगंज में आशीष के घर के बाहर खड़े होकर चर्चा करते मोहल्ले के लोग।
फोटो-23-आशीष के बारे में जानकारी देती बहन रुपाली।
फोटो-28-पत्नी छाया के साथ प्लेन के बाहर खड़े आशीष।
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आखिरी बार लॉकडाउन के पहले आए थे
जालौन। चचेरी बहन रुपाली ने बताया कि अज्जू भइया हमेशा देश के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते थे। स्वभाव से काफी रिजर्व होने के कारण बोलते तो कम थे लेकिन एयरफोर्स के रोमांच और देश प्रेम की बातें करते वक्त वे हम बहनों को भी एयरफोर्स की तैयारी करने के लिए प्रेरित करते थे। कहते थे कि अब बेटियां भी एयरफोर्स में अपनी क्षमता का प्रदर्शन बखूबी कर रही है।
बकौल रुपाली उसने तो भाई की बातों से प्रेरित होकर एयरफोर्स की तैयारी भी की थी लेकिन सफल नहीं हो सकी। रुपाली ने बताया कि भइया का फोन अक्सर हम पांच बहनों में से किसी न किसी के पास आया ही करता था। यह बात और है कि सर्विस की व्यस्तता के कारण वे ज्यादा समय बात नहीं करते थे, सिर्फ पापा मम्मी के साथ पूरे घर के हाल चाल पूछकर फिर से फोन करने को कहते हुए बात खत्म कर देते थे। आखिरी मर्तबा लॉकडाउन के पहले किसी दोस्त की शादी में अज्जू भाई उरई स्थित घर आए थे।
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बोले साथी, आता था तो मिलता जरूर था
आशीष के जहाज की दुर्घटना की खबर मिलते ही उसके करीबी साथियों की जुबान पर सिर्फ आशीष के ही चर्चे थे। घर के पास उसके साथी रवि गुप्ता, सुमित, प्रेमनाथ आदि खड़े होकर कैप्टन आशीष के विषय में ही चर्चा कर रहे थे। साथियों ने बताया कि यूं तो आशीष का आना जाना काफी कम था लेकिन आता था तो तीन चार दिन रहता था और हम सबसे से भी एक बार मिलता जरूर था। उसे भुलाना आसान नहीं होगा।
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2010 में छाया से हुई थी कैप्टन की शादी
मोहल्ले के बुजुर्ग और वैश्य एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने बताया कि अज्जू उन्हें भी अपने चाचा की तरह ही मानता था। जबसे घटना के बारे में जानकारी हुई है, दिल दुखी हो गया है। विश्वास ही नहीं होता है कि वह अब हमारे बीच नहीं है। सुरेश गुप्ता ने बताया कि अज्जू की शादी 2010 में झांसी के गुरसराय के मोदी परिवार की बेटी छाया से हुई थी। हम सभी उसकी शादी में शामिल भी हुए थे।
फोटो-12-कैप्टन आशीष की फाइल फोटो।
फोटो-13-पत्नी छाया, बेटे अतिन, टिनटिन के साथ कैप्टन आशीष की फाइल फोटो।
फोटो-14-आशीष व पत्नी छाया की फाइल फोटो।
फोटो-15-एक शादी समारोह में पत्नी छाया के साथ खड़े कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
फोटो-16-आशीष के उरई स्थित गोपालगंज मोहल्ले में घर में मौजूद चचेरी बहन सोनम व मौली।
फोटो-22-गोपालगंज में आशीष के घर के बाहर खड़े होकर चर्चा करते मोहल्ले के लोग।
फोटो-23-आशीष के बारे में जानकारी देती बहन रुपाली।
फोटो-28-पत्नी छाया के साथ प्लेन के बाहर खड़े आशीष।