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63 पुनर्वासित बंगाली हिंदू परिवारों के लिए कानपुर देहात के भैसाया में भूमि चिह्नित

Thu, 18 Nov 2021 12:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:54 AM IST
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Land marked for 63 rehabilitated Bengali Hindu families in Bhaisaya, Kanpur Dehat
पैमाइश के दौरान मौजूद कानूनगो व लेखपाल। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। मेरठ से आ रहे 63 पुनर्वासित बंगाली हिंदू परिवारों ने रसूलाबाद में पुनर्वास की सहमति दी थी। इसको लेकर निर्देश जारी किए गए है। तहसील प्रशासन ने बुधवार को भैसाया गांव में प्रति परिवार दो एकड़ के हिसाब से 126 एकड़ भूमि चिह्नित कर दी है।
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प्रति परिवार रहने के लिए दो सौ वर्ग गज भूमि भी दी जाएगी। घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से 1.20 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी।
रसूलाबाद के महेंद्र नगर में बसे विस्थापित शरणार्थी बंगालियों की बस्ती में मेरठ के मदन सूत मिल से 63 परिवारों के आने की सहमति बनी है। कुनबा बढ़ने से पहले से यहां रहे रहे बंगाली परिवार भी खुश हैं।
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पुनर्वास की संरक्षित जमीन के चिन्हांकन के लिए बनाई गई आठ सदस्यीय टीम के पर्यवेक्षक नायब तहसीलदार मनोज रावत ने बताया कि 63 शरणार्थी पूर्वी पाकिस्तानी हिंदू बंगालियों को बसाए जाने की सूचना शासन की ओर से आई है।
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इनमें प्रत्येक परिवार को दो-दो एकड़ कृषि भूमि जीवन यापन के लिए दी जानी है। वहीं 200 वर्ग गज जमीन व मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये प्रत्येक परिवार को घर बनाने को मिलेंगे।
पुनर्वास के लिए वैसे तो 102 हेक्टेयर जमीन है, किंतु इस जमीन में पहले से भी अनेक परिवारों को बसाया चुका है। अब लगभग 300 बीघे जमीन खाली पड़ी है। जिसमें इन परिवारों को बसाया जाएगा।
कानूनगो परमाल सिंह एवं लेखपाल लालाराम, सुरेश वर्मा, विमल कुमार शुक्ला, सुदीप कुमार, रावेंद्र कुमार व राधेश्याम की टीम भूमि चिन्हांकन के लिए बनाई गई है। यह भूमि मेरठ से आने वाले बंगाली हिंदू परिवारों को आवंटित की जाएगी।

विस्थापित शरणार्थी बंगाली हिंदू 63 परिवारों ने रसूलाबाद में पुनर्वास की इच्छा जाहिर की है। इसके बाद यह तैयारी की जा रही है। यह परिवार कब तक यहां आएंगे यह तय नहीं है। जमीन चिह्नित कर ली गई है। सप्ताह भीतर शासन से अफसरों की टीम आने की संभावना है। - राजकुमार चौधरी, तहसीलदार रसूलाबाद।
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