फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   KVK to Open in the City; Nine Lakh Farmers to Benefit

Kanpur News: शहर में खुलेगा केवीके, नौ लाख किसानों को होगा फायदा

Wed, 25 Mar 2026 02:19 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 02:19 AM IST
विज्ञापन
KVK to Open in the City; Nine Lakh Farmers to Benefit
कानपुर। शहर में पहली बार कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) खोलने की तैयारी की जा रही है। इससे नगर की तीन तहसीलों बिल्हौर, घाटमपुर और नर्वल के करीब नौ लाख किसानों को लाभ मिलेगा। आईसीएआर-अटारी ने केवीके खोलने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। महानगर होने के कारण अब तक यहां केवीके नहीं था। यह जानकारी आईसीएआर-अटारी (कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान) जोन-तृतीय के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने किसान सारथी 2.0 कार्यशाला में दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 74 जिलों में 89 केवीके संचालित हैं। इनका मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक सलाह देना है।
विज्ञापन


किसान सारथी 2.0 कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शुभारंभ उप महानिदेशक डॉ. संजय सिंह और अटारी निदेशक ने किया। उप महानिदेशक ने किसानों को सारथी एप के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजीकृत और अपंजीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से केवीके और किसान कॉल सेंटर से सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म कॉल सेंटर, मोबाइल एप और वेब-आधारित प्रणाली के जरिये रियल टाइम संवाद की सुविधा देता है। कार्यक्रम में केवीके उन्नाव के संस्थापक अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, आईसीएआर के सहायक महानिदेशक डॉ. अनिल कुमार राय, डॉ. आरआर बर्मन, आईआईपीआर निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित और सीएसए विवि के निदेशक प्रसार डॉ. वीके त्रिपाठी सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
विज्ञापन


समस्याओं का समाधान करेगा चैटबॉट, किसानों की भाषा में मिलेगा जवाब
अटारी के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि तकनीक युग में किसानों की समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए किसान सारथी एप पर एआई चैटबॉट विकसित किया गया है। यह तकनीकी, मिट्टी, रोग या बीज से जुड़ी समस्याओं का जवाब किसानों की भाषा में देगा। एआई की मदद से किसानों की समस्याओं का बैंक तैयार किया जाएगा, जिससे एआई आधारित टूल विकसित कर सटीक समाधान प्रदान किया जा सकेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि यह प्रणाली तीन चरणों में काम करेगी। सामान्य जानकारी एआई चैटबॉट देगा, विशेष लोकेशनवार समस्याओं का समाधान केवीके के वैज्ञानिक करेंगे और प्रतिरोधी या नई प्रजातियों जैसी जानकारी आईसीएआर रिसर्च इंस्टीट्यूट उपलब्ध कराएगा। वर्तमान में किसान सारथी पोर्टल से देशभर के 2.80 करोड़ और उत्तर प्रदेश के 60 लाख किसान जुड़े हैं। इससे किसानों की समस्याओं का समाधान तत्काल होता है, उदाहरण स्वरूप मंगलवार को पोर्टल पर डेढ़ लाख किसानों ने विभिन्न समस्याएं पूछीं और दोपहर तक वैज्ञानिकों ने 1.15 लाख समस्याओं का समाधान कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पोर्टल से सर्वाधिक किसानों को जोड़ने वाले केवीके

केवीके


किसान

प्रतापगढ़

छह लाख

सुल्तानपुर

2.50 लाख

उन्नाव


2.25 लाख

दलीपनगर

एक लाख
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed