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रोजाना 200 परिवारों से 4000 रोटी क्यों ले रहा है संघ, बड़े लक्ष्य पर चल रहा है काम

Mon, 03 Jun 2019 04:19 PM IST
प्रशांत कुमार आनंद मिश्रा , अमर उजाला, हरदोई
आनंद मिश्रा , अमर उजाला, हरदोई Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 03 Jun 2019 04:19 PM IST
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Know why rashtriya swayamsevak sangh taking 4000 bread from 200 families daily
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बनाई अनूठी रणनीति - फोटो : @RSSOrg
अपने कार्य विस्तार में लगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस बार नए परिवारों तक पहुंचने के लिए अनूठी रणनीति बनाई है। इसके तहत रोटी के जरिए हरदोई जनपद के चार हजार परिवारों तक संघ ने दस्तक दी है। डॉक्टर राममनोहर लोहिया इंटर कॉलेज अल्लीपुर के परिसर में चल रहे अवध प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग में हर रोज 200 परिवारों से चार हजार रोटी प्रशिक्षणार्थियों के भोजन के लिए एकत्र की जा रही हैं। 
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य विभाजन की दृष्टि से हरदोई जनपद अवध प्रांत में आता है। इस प्रांत में प्रशासनिक दृष्टि से 13 जनपद हैं, लेकिन संघ की कार्यशैली में इन 13 जनपदों में 15 जनपद हैं। इन दिनों अवध प्रांत का प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर डॉक्टर राममनोहर लोहिया इंटर कालेज अल्लीपुर में चल रहा है। इस शिविर में 450 प्रशिक्षार्थी शामिल हैं।
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इसके अलावा संघ के प्रांत प्रचारक कौशल कुमार, सह प्रांत प्रचारक मनोज कुमार, उन्नाव के विभाग प्रचारक डॉक्टर अवधेश सहित बड़ी संख्या में संघ के अवध प्रांत के पदाधिकारी भी वर्ग में शामिल हैं। संघ की पहुंच अधिक से अधिक परिवारों तक करने के उद्देश्य से प्रांत प्रचारक ने नई पहल की है। प्रशिक्षण में शामिल लोगों को भोजन में रोटी परोसने के लिए हर रोज 200 परिवारों से रोटी एकत्र की जा रही है।
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...रोटी एकत्र करने के पीछे अच्छी और बड़ी मंशा है

सुबह की रोटी ग्रामीण इलाकों के 100 परिवारों से एकत्र की जाती है, जबकि शाम की रोटी भी नगरीय क्षेत्र के 100 परिवारों से एकत्र होती है। प्रत्येक परिवार को 20 रोटी देने का आग्रह किया जाता है और इसके लिए बाकायदा कागज का बना लिफाफा भी संबंधित परिवार को उपलब्ध कराया जाता है। 11 जून तक चलने वाले 20 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में सिर्फ रोटी के जरिए ही चार हजार परिवारों तक संघ के विचारों को पहुंचाया जा रहा है।

संघ के प्रशिक्षण वर्ग में हर सुबह दीप प्रज्ज्वलन होता है। दीप प्रज्ज्वलन के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों के ऐसे लोगों को संघ की विचारधारा से अवगत कराया जा रहा है, जो अब तक संघ से दूरी बनाए हुए हैं। विभिन्न क्षेत्रों के ख्यातिलब्ध लोगों को दीप प्रज्ज्वलन करने के लिए बुलाया जाता है। जिन लोगों को दीप प्रज्ज्वलन के लिए बुलाया जाता है उनमें ख्यातिलब्ध चिकित्सक से लेकर बाल्मीकि समाज तक के लोग शामिल हैं।

नाम न छापने की शर्त पर संघ से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता बताते हैं कि रोटी एकत्र करने के पीछे अच्छी और बड़ी मंशा है। आम तौर पर कोई व्यक्ति संघ का नाम जानता है, लेकिन उसकी पत्नी नहीं जानती। जब घर में कोई अपनी पत्नी या अन्य महिला सदस्य से 20 रोटी बनाने के लिए कहेगा और बताएगा कि इस कारण से रोटी बनाई जा रही है तो उस महिला को भी संघ के बारे में पता चलेगा और अन्य जानकारियां हासिल करने की उत्सुकता होगी। इस तरह व्यक्ति नहीं परिवार जोड़ने की मंशा है।
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