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नीट पर अध्यादेश का विरोध्ा

Tue, 24 May 2016 12:55 AM IST
amar ujala bearo
amar ujala bearo Updated Tue, 24 May 2016 12:55 AM IST
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Knit opposed the move on
कैंडल मार्च निकालकर काकादेव कोचिंग हब के स्टूडेंटों ने जताया विरोध। - फोटो : amarujala
कानपुर। नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के खिलाफ अध्यादेश लाने से नाराज काकादेव कोचिंग हब के करीब 500 स्टूडेंटों ने सोमवार न्यू स्पीड कोचिंग चौराहा से गीता नगर क्रासिंग तक कैंडल मार्च निकाला। साथ ही कहा कि अध्यादेश वापस लिया जाए। एमबीबीएस और बीडीएस के लिए सिंगल एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन स्टूडेंट हित में है। इस दौरान हंगामा और नारेबाजी भी हुई। 
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सुप्रीम कोर्ट ने एमबीबीएस और बीडीएस के एडमिशन के लिए पूरे देश में एक प्रवेश परीक्षा कराने का आदेश दिया। इसी आधार पर 1 मई को प्रवेश परीक्षा कराई गई। दूसरी परीक्षा 24 जुलाई को होनी है लेकिन पहले ही केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर अड़ंगा लगा दिया। इसको लेकर स्टूडेंट नाराज हैं। कैंडल मार्च की अगुवाई करने वाले स्टूडेंट आमोद का कहना है कि नीट से स्टूडेंटों को बड़ी राहत मिली है। अब कम खर्च में टेस्ट दिया जा सकेगा। एडमिशन के बेहतर विकल्प भी मिलेंगे। देश के सरकारी और गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस की 52000 सीटें हैं। इन्हें अलग-अलग टेस्ट से भरना ठीक नहीं है। ऐसा होने पर गड़बड़ी की गुंजाइश बनी रहती है। मध्य प्रदेश में काफी कुछ गड़बड़ हो चुका है। अब सुप्रीम कोर्ट ने सिंगल टेस्ट की व्यवस्था की, जिसमें सरकार बाधा डाल रही है। इसका विरोध किया जाएगा। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अध्यादेश वापस लेने की मांग की जाएगी। यह अध्यादेश निजी मेडिकल कॉलेजों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लाया गया है।  
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