किडनी कांड: अब तक का बड़ा खुलासा, पुलवामा के शख्स को ट्रांसप्लांट होनी थी मोहित की किडनी
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किडनी कांड में जेल भेजे गए मोहित निगम की किडनी पुलवामा(जम्मू कश्मीर) के एक शख्स को ट्रांसप्लांट होनी थी। पर, मोहित ने जांच करवाने के बाद किडनी देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद डोनर प्रोवाइडरों ने उस पर खर्च किए गए पैसों के बदले में डोनर की मांग की थी।
इसलिए मोहित संगीता को झांसे में फंसाकर दिल्ली ले गया था। एसपी क्राइम राजेश यादव के मुताबिक डोनर प्रोवाइडर गौरव मिश्रा ने मोहित का आधार कार्ड सुरेंद्र पाल सिंह के नाम से बनवाया था। जिसमें पता सैमॉन तराल पुलवामा, जम्मू कश्मीर दर्ज था।
उसके बाद मोहित की सभी जांच दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में कराई गईं थीं। किडनी पुलवामा निवासी सतिंदर पाल सिंह को ट्रांसप्लांट होनी थी। इसमें मोहित को उसका भाई सुरेंद्र पाल सिंह बनाया गया था। इस बीच डर के कारण मोहित भाग आया था।
जिसके बाद गौरव व जुनैद ने उससे कहा था कि जांच करवाने से लेकर होटल में ठहराने में उस पर करीब एक लाख रुपये का खर्च हुआ है। ये पैसा चुकाना होगा। या फिर कोई डोनर लाकर दो। जिसके बाद मोहित ने संगीता से संपर्क कर उसकी किडनी का सौदा कराया था।
किडनी कांड के खुलासे के तीन दिन बाद ही एसआईटी ने मोहित को पकड़ लिया था। उससे कई दिनों तक पूछताछ की थी और अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए उसको लेकर दबिश भी दी थी।
मगर उसकी गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। सूत्रों की माने तो एसआईटी के एक दरोगा उसके गवाह बनाने की कोशिश में लगे थे। लेकिन उसके पहले ही एसआईटी भंग कर जांच बदल दी गई।