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किडनी कांड: पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला की जमानत अर्जी खारिज, षड्यंत्र की जानकारी का लगा आरोप
Tue, 18 Jun 2019 11:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 18 Jun 2019 11:07 PM IST
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किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दीपक शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
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किडनी कांड में आरोपी बनाए गए डॉ. दीपक शुक्ला की जमानत अर्जी मंगलवार को स्पेशल जज एससी/एसटी मो. रियाज ने खारिज कर दी। पुष्पावती सिंघानिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीएसआरआई) अस्पताल नई दिल्ली के सीईओ डॉ. दीपक की ओर से एक तर्क दिया गया था।
जिसमें कहा गया कि मानव अंग प्रत्यारोपण केंद्र सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञों की कमेटी के माध्यम से किया जाता है। इससे डॉ. शुक्ला का कोई संबंध नहीं है। अंगदान करने और अंगदान लेने वाले दोनों ने ही खुद को नजदीकी रिश्तेदार बताकर शपथपत्र भी दिया था।
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जिसमें कहा गया कि मानव अंग प्रत्यारोपण केंद्र सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञों की कमेटी के माध्यम से किया जाता है। इससे डॉ. शुक्ला का कोई संबंध नहीं है। अंगदान करने और अंगदान लेने वाले दोनों ने ही खुद को नजदीकी रिश्तेदार बताकर शपथपत्र भी दिया था।
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फोर्टिस की महिला कोऑर्डिनेटर की जमानत पर सुनवाई 21 को
किडनी कांड में पुलिस ने फोर्टिस हॉस्पिटल की महिला कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार किया था
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में अभियोजन का तर्क था कि अस्पताल के अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा ही फर्जी कागज तैयार कर षड्यंत्र के तहत किडनी बदली जाती थी। डोनर और मरीज दोनों अलग-अलग संप्रदाय के थे फिर भी रिश्तेदार बना दिया गया था। अस्पताल का मुखिया होने के नाते डॉ. शुक्ला को इस षड्यंत्र की पूरी जानकारी थी।
कमेटी के सामने क्या कहना है, यह कोऑर्डिनेटर द्वारा पहले ही सिखा दिया जाता था। यह एक बड़ा रैकेट है, जिसमें डॉ. शुक्ला शामिल हैं। यह भी तर्क दिया कि वृद्धावस्था या बीमारी जमानत का आधार नहीं बन सकती। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने डॉ. शुक्ला के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने और उनके अपराध को गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
किडनी कांड में आरोपी बनाई गई फोर्टिस अस्पताल की महिला कोऑर्डिनेटर सोनिका डबास की जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 21 जून को होगी। पहले यह सुनवाई मंगलवार को होनी थी लेकिन अभियोजन की ओर से साक्ष्य जुटाने व बहस के लिए समय मांगे जाने पर स्पेशल जज एससी/एसटी मो.रियाज ने नई तिथि तय कर दी है। सोनिका 11 जून से जेल में है। 14 जून को एसीएमएम अष्टम की अदालत से सोनिका की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।
कमेटी के सामने क्या कहना है, यह कोऑर्डिनेटर द्वारा पहले ही सिखा दिया जाता था। यह एक बड़ा रैकेट है, जिसमें डॉ. शुक्ला शामिल हैं। यह भी तर्क दिया कि वृद्धावस्था या बीमारी जमानत का आधार नहीं बन सकती। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने डॉ. शुक्ला के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने और उनके अपराध को गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
किडनी कांड में आरोपी बनाई गई फोर्टिस अस्पताल की महिला कोऑर्डिनेटर सोनिका डबास की जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 21 जून को होगी। पहले यह सुनवाई मंगलवार को होनी थी लेकिन अभियोजन की ओर से साक्ष्य जुटाने व बहस के लिए समय मांगे जाने पर स्पेशल जज एससी/एसटी मो.रियाज ने नई तिथि तय कर दी है। सोनिका 11 जून से जेल में है। 14 जून को एसीएमएम अष्टम की अदालत से सोनिका की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।