फर्रुखाबाद मामला: पति का साथ दे रही पत्नी, दोनों ने मिलकर बनाई थी बंधक बनाने की योजना
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव करथिया में बृहस्पतिवार को बेटी के जन्मदिन के बहाने 23 बच्चों को घर बुलाकर उन्हें बंधक बनाने वाले सुभाष बाथम का साथ पूरी वारदात में पत्नी रूबी ने भी दिया था, जिसे भी ग्रामीणों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। शुक्रवार सुबह उसकी भी मौत हो गई। बता दें कि शातिर सुभाष को पुलिस ने रात में ही ढेर कर 11 घंटे बाद सभी बच्चों को सकुशल मुक्त करा लिया था।
आईजी जोन मोहित अग्रवाल के अनुसार, पुलिस मुठभेड़ में मोहम्मदाबाद कोतवाल राकेश कुमार समेत पांच जवान भी घायल हुए हैं। गांव का युवक बालू दुबे भी गोली लगने से जख्मी हुआ है। मुठभेड़ में ढेर सुभाष ने साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया। पत्नी रूबी ने भी पति का सहयोग किया। रूबी की मौत कैसे हुई है, यह पोस्टमार्टम में स्पष्ट होगा।
कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि 23 बच्चों को अपराधी के चंगुल से सही सलामत बचाना एक बड़ी चुनौती थी। मुख्यमंत्री खुद इसकी मानीटरिंग कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश था कि किसी भी कीमत पर बच्चों को बगैर एक खरोंच आए बचाना है।
मुख्यमंत्री खुद पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे और आपरेशन पूरा होने तक घटनाक्रम की पल-पल जानकारी ले रहे थे। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने आरोपी से निगोशिएट करने की पूरी कोशिश की। लेकिन वह पुलिस कर्मियों को गाली गलौज देने लगा और कहा कि उसके ऊपर जो मुकदमे दर्ज हैं उससे बरी किया जाए और प्रति बच्चे के हिसाब से एक-एक करोड़ रुपये दिया जाए।
रात में शवों के पोस्टमार्टम से सीएमओ ने किया इनकार
घंटों चले इस ड्रामे में एक मोड़ ऐसा भी आया जब अधिकारियों के होश उड़ गए। सुभाष ने घर के अंदर विस्फोट व आग लगाने के लिए तैयारी करनी शुरू कर दी थी। इस सनकी अपराधी के पास न सिर्फ अवैध असलहे थे बल्कि उसने विस्फोटक भी जमा कर रखा था। इतना ही नहीं धमाके को अंजाम देने की योजना के साथ उसने एलपीजी सिलेंडर भी इकट्ठा कर रखे थे।
पुलिस और पब्लिक ने मिलकर किया एनकाउंटर
सुभाष को पुलिस उलझाने के लिए समझाती रही कि थोड़ा समय दो। लेकिन सुभाष ने कहा कि उसे कोई बात नहीं करनी है। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने देखा कि वह घर के अंदर विस्फोटक रख रहा है और उसने ज्वलनशील पदार्थ फैलाना शुरू कर दिए हैं। अंदर से एक धमाके की आवाज भी आई जिसके बाद लोगों के सब्र का बांध टूट गया। ग्रामीणों व पुलिस कर्मियों ने मकान के पिछले हिस्से का दरवाजा तोड़ा और घर के अंदर घुस गए। डरे सहमे बच्चे घर के अंदर घुप्प अंधेरे में तहखाने के एक कोने में कैद थे।