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कोर्ट के समक्ष खुशी बोली अभिरक्षा में पुलिस ने किया प्रताड़ित
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कानपुर देहात। बिकरू कांड से संबंधित मुख्य मामले में सह आरोपी खुशी की सुनवाई एडीजे 13 पाक्सो कोर्ट में हुई। सोमवार को खुशी ने न्यायालय के समक्ष एक प्रार्थना पत्र देकर पुलिस अभिरक्षा के दौरान प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही उसने कोर्ट से बताया कि पुलिस ने गिरफ्तारी की तिथि भी गलत दर्शाई है। पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कोर्ट संख्या 13 शैलेंद्र वर्मा की अदालत में हो रही है। सोमवार को सुनवाई के दौरान खुशी कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुई। उसने कोर्ट से अनुरोध किया कि केस डायरी पढ़ने के बाद पता चला कि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी आठ जुलाई 2020 को दिखाई है। जबकि पुलिस उसे चार जुलाई को ही घर से पकड़ ले गई थी। साथ ही चार दिन तक थाने में रखकर तरह तरह की प्रताड़ना दी। उसने कोर्ट के समक्ष दावा किया कि यू ट्यूब पर चार जुलाई को उसकी गिरफ्तारी से संबंधित कई वीडियो उपलब्ध हैं।
इससे स्पष्ट है कि पुलिस ने मनमाने तरीके से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया। मामले में कोर्ट से संबंधित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा में खुशी ने कोर्ट के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया है। कोर्ट ने उसकी बात गंभीरता पूर्वक सुनी है। अब आरोपों पर सुनवाई की तिथि 25 जनवरी तय की गई है।
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सीडीआर की छाया प्रति उपलब्ध कराने की मांग
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। सोमवार को सभी 30 आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। इसमें आरोप निर्धारण को लेकर बहस हुई। वहीं, आरोपी शिव तिवारी के अधिवक्ता संतोष कुमार बाजपेई ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप निर्धारण करने से पूर्व मुख्य अभियुक्त व सह अभियुक्तों के बीच हुई मोबाइल वार्ता की सीडीआर की लगभग पांच सौ पन्ने की छाया प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही मुख्य अभियुक्त विकास दुबे व आरक्षी राजीव कुमार के बीच हुई बातचीत की सीडीआर मांगी है। बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 17 जनवरी तय की है। (संवाद)
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बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कोर्ट संख्या 13 शैलेंद्र वर्मा की अदालत में हो रही है। सोमवार को सुनवाई के दौरान खुशी कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुई। उसने कोर्ट से अनुरोध किया कि केस डायरी पढ़ने के बाद पता चला कि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी आठ जुलाई 2020 को दिखाई है। जबकि पुलिस उसे चार जुलाई को ही घर से पकड़ ले गई थी। साथ ही चार दिन तक थाने में रखकर तरह तरह की प्रताड़ना दी। उसने कोर्ट के समक्ष दावा किया कि यू ट्यूब पर चार जुलाई को उसकी गिरफ्तारी से संबंधित कई वीडियो उपलब्ध हैं।
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इससे स्पष्ट है कि पुलिस ने मनमाने तरीके से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया। मामले में कोर्ट से संबंधित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा में खुशी ने कोर्ट के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया है। कोर्ट ने उसकी बात गंभीरता पूर्वक सुनी है। अब आरोपों पर सुनवाई की तिथि 25 जनवरी तय की गई है।
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सीडीआर की छाया प्रति उपलब्ध कराने की मांग
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। सोमवार को सभी 30 आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। इसमें आरोप निर्धारण को लेकर बहस हुई। वहीं, आरोपी शिव तिवारी के अधिवक्ता संतोष कुमार बाजपेई ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप निर्धारण करने से पूर्व मुख्य अभियुक्त व सह अभियुक्तों के बीच हुई मोबाइल वार्ता की सीडीआर की लगभग पांच सौ पन्ने की छाया प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही मुख्य अभियुक्त विकास दुबे व आरक्षी राजीव कुमार के बीच हुई बातचीत की सीडीआर मांगी है। बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 17 जनवरी तय की है। (संवाद)