वाह रे चुस्त केस्को: हर महीने दस करोड़ की बिजली चोरी, साल भर में एक फीसदी घटी राजस्व वसूली, पढ़ें पूरा अपडेट
Kanpur News: केस्को के आंकड़ों के अनुसार, हर महीने 1.82 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हो रही है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष 1.46 फीसदी बिजली चोरी के मामले बढ़े हैँ।
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कानपुर शहर में हर महीने 1.82 करोड़ यूनिट बिजली चोरी हो रही है। साढ़े पांच रुपये कीमत प्रति यूनिट की दर से अगर बिजली चोरी का हिसाब लगाया जाए, तो करीब 10 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हर महीने हो रही है। यह हाल तब है जब केस्को ने बिजली चोरी रोकने के लिए अत्याधुनिक सिस्टम लगा रखे हैं। मॉनीटरिंग भी लगातार सख्त करने का दावा अधिकारी करते हैं। इसके बावजूद बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष बिजली चोरी का ग्राफ 1.46 फीसद बढ़ गया है।
बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए मीटरों को स्मार्ट करने के अलावा केस्को समय-समय पर तमाम कवायद करता है। इसके बावजूद बिजली चोर कभी बाईपास तो कभी बिजली के खंभों के सहारे बिजली चोरी कर राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई जगहों पर ई-रिक्शे और इलेक्टि्रक वाहनों को बिजली चोरी कर चार्ज किया जा रहा है। पिछले वर्ष बिजली चोरी की घटनाएं 8.27 फीसदी थीं जो मौजूदा वर्ष में बढ़कर 9.73 फीसद हो गई है। कई उपकेंद्रों में चोरी का सिलसिला कम नहीं होने पर अधिकारियों ने बिजली चोरियों को आठ फीसद से नीचे रखने के लिए निर्देशित किया है।
आंकड़ों में समझें कैसे हो रही बिजली चोरी
केस्को के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 तक 365 मिलियन यूनिट बिजली चोरी हुई है। ऐसे में हर महीने 36.5 मिलियन यानी 365 लाख यूनिट बिजली चोरी हुई। केस्को के मीडिया प्रभारी श्रीकांत रंगीला ने बताया कि इसमें से 183 यूनिट इलेक्टि्रक लॉस है। मसलन शहर में 7000 ट्रांसफार्मर लगे हैं। सप्लाई के दौरान इनके गर्म होने से बिजली लॉस होती है, इसके अलावा फीडर में भी दो फीसद इलेक्टि्रक लॉस होता है। ऐसे में हर माह कुल 182 लाख यूनिट बिजली चोरी हुई है।
साल भर में एक फीसदी घटी राजस्व वसूली
श्रीकांत रंगीला ने बताया कि जनवरी 2022 से 2023 तक 2690 करोड़ का राजस्व वसूला गया था। जनवरी 2023 से 2024 तक 2662 करोड़ रुपये ही राजस्व वसूला जा सका है। राजस्व वसूली में एक फीसदी की कमी आई है। बिजली चोरी न होती तो निश्चित ही राजस्व में वृदि्ध होती। बता दें कि सोमवार को यूपीपीसीएल के चेयरमैन ने कम राजस्व वसूली पर एई को निलंबित किया था।
बिजली चोरी रोकने के लिए की जा रहीं ये व्यवस्थाएं
- पूरे शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी है। विभाग का निजी कंपनी से करार हो चुका है। जून या जुलाई से मीटर बदलने शुरू हो जाएंगे।
- पॉवर ट्रांसफार्मर, फीडर और मोहल्ले के ट्रांसफार्मर पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। यह सिस्टम स्काडा सिस्टम की तरह है। इसमें अगर कोई घर के मीटर से भी गड़बड़ी करता है तो उसकी रिपोर्ट विभाग के पास पहुंच जाएगी। बिजली कर्मचारी ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले बोझ को समझ सकेंगे।
- केस्को बिजली चोरियों को रोकने के लिए देर रात में चेकिंग अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि इसके लिए एक्सईएन, एसडीओ, एई और अन्य अधिकारी क्षेत्र में निकलेंगे और छापा मारेंगे। संवेदनशील जगहों पर वीडियोग्राफी कराने के लिए कहा गया है।
- कई मोहल्लों में स्ट्रीट लाइटों के सहारे बिजली चोरी की जा रही है, जिसकी सप्लाई से ई-रिक्शों को चार्ज किया जा रहा है। इसको रोकने के लिए जल्द ही नगर निगम और केस्को के अधिकारियों के बीच बैठक हो सकती है।
उपकेंद्रों में बिजली चोरी
| उपकेंद्र | फीसदी |
| आलू मंडी | 29.48 |
| दहेली सुजानपुर | 18.92 |
| जरीब चौकी | 19.06 |
| बिजली घर | 18.14 |
| हंसपुरम | 16.43 |
| किदवई नगर | 15.78 |
| नौबस्ता | 13.56 |
| कल्याणपुर | 13.54 |
| फूलबाग | 13.49 |
| हैरिसगंज | 12.66 |
| विश्व बैंक बर्रा | 12.45 |
| जाजमऊ | 12.22 |
बिजली चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए एक्सईएन, एसडीओ और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। कई उपकेंद्रों में पिछले वर्ष के मुकाबले बिजली चोरी बढ़ गई है। इन पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। -श्रीकांत रंगीला, मीडिया प्रभारी, केस्को