फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl

UP: साढ़े सात घंटे आईसीयू में रखा, फिर भी एक बोतल खून न चढ़ाया, बांदा की दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मौत का मामला

Fri, 13 Jun 2025 06:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 13 Jun 2025 06:24 AM IST
सार

Kanpur News: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार कौशल ने कहा कि पीडियाट्रिक सर्जन न होने की वजह से हैलट रेफर किया। खून न चढ़ाने के संबंध में तर्क दिया कि बच्ची को होश नहीं रहा था। इसलिए खून नहीं चढ़ाया।

विज्ञापन
Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl
जानकारी देते मृतका के परिजन - फोटो : amar ujala

विस्तार

दरिंदगी का शिकार बांदा की तीन साल की बच्ची को अगर वक्त से खून मिल जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। लेकिन बांदा के ट्रॉमा सेंटर और रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के परिसर में खून की व्यवस्था रही है, फिर भी उसे खून नहीं चढ़ाया गया।

विज्ञापन

इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक सर्जन होने के बाद भी बच्ची को साढ़े सात घंटे रखा गया। फिर पीडियाट्रिक सर्जन न होने के कारण बताकर उसे हैलट रेफर कर दिया गया। दरिंदे ने मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाकर मौत के मुंह में झोंक दिया।

विज्ञापन

Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl
जंगल में यहीं मिली थी मासूम - फोटो : amar ujala

घायल जननांगों से बहता रहा खून
हालांकि, उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों में संजीदगी नजर नहीं आई। बच्ची को पहले बांदा के ट्रामा सेंटर में ले जाया गया। यहां स्त्री रोग, बालरोग विशेषज्ञ और फिजीशियन ने देखा। ड्रिप लगाकर सामान्य सा इलाज किया। उसके घायल जननांगों से खून बहता रहा, लेकिन खून चढ़ाने की जरूरत नहीं समझी।

विज्ञापन

Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl
आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

आईसीयू में रखा, लेकिन खून नहीं चढ़ाया
उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। यहां उसे साढ़े सात घंटे आईसीयू में रखा तो जरूर लेकिन खून नहीं चढ़ाया। ड्रिप लगाकर एंटी बायोटिक आदि दवाएं दी गईं। खून न चढ़ाने के संबंध में वहां के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार कौशल ने कहा कि पीडियाट्रिक सर्जन न होने की वजह से हैलट रेफर किया।

विज्ञापन

Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl
ग्रामीणों से सड़क पर लगाया था जाम - फोटो : amar ujala

डॉक्टर के तर्क अलग-अलग
खून न चढ़ाने के संबंध में तर्क दिया कि बच्ची को होश नहीं रहा। इसी से खून नहीं चढ़ाया। वहीं पूर्व महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. वीएन त्रिपाठी का कहना है कि अगर जरूरत थी, तो बेहोशी में भी बच्ची को खून चढ़ाया जा सकता था।

Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl
मासूम को अस्पताल लेकर जातीं थानाध्यक्ष - फोटो : amar ujala

एक यूनिट खून रखा था
बच्ची को चार जून की शाम छह बजे हैलट में भर्ती किया गया। मौके पर पहुंचे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला पहुंचे और कहा कि बच्ची के ब्लड लॉस हुआ है। इसके बाद तुरंत उसे ब्लड खून चढ़ाया गया।

Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl
हैलट हॉस्पिट कानपुर - फोटो : amar ujala

परिजनों ने सर्जरी के लिए नहीं दी सहमति
कॉलेज के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि बच्ची को एक यूनिट ब्लड दिया गया। इसके बाद पीडियाट्रिक सर्जन सर्जरी प्लान की। इसके लिए भी एक यूनिट खून रखा गया, लेकिन परिजनों ने सर्जरी के लिए कंसेंट नहीं दी थी।

Kept in ICU for seven and a half hours yet not single bottle of blood was transfused death of Banda girl
हैलट हॉस्पिट कानपुर - फोटो : amar ujala

ये हुई लापरवाही

  • साढ़े सात घंटे आईसीयू में रखा, एक बोतल खून न चढ़ाया।
  • बांदा के ट्रॉमा सेंटर, मेडिकल कॉलेज के परिसर में ब्लड बैंक भी है।
  • पीडियाट्रिक सर्जन नहीं फिर भी रेफर करने में देर की।
  • 16 घंटे के बाद हैलट में भर्ती होने के बाद चढ़ाया गया ब्लड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed