{"_id":"5751dda84f1c1b8c491095a1","slug":"kda-corporation-s-illegal-occupation-of-land","type":"story","status":"publish","title_hn":"केडीए-निगम की जमीन पर अवैध कब्जे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केडीए-निगम की जमीन पर अवैध कब्जे
AMARUJALA BEARO
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
परेड स्थित नगर निगम के बीएम श्रीवास्तव मार्केट सड़क पर अवैध कब्जे।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। शहर में अगर जमीनों को अवैध निर्माण से कब्जा मुक्त कराने का अभियान शुरू हो तो कई क्षेत्रों में मथुरा के जवाहरबाग जैसी स्थिति बन जाए। सरकारी विभागों की बात करें तो केडीए की ही सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। शहर में चिह्नित की गईं 178 अवैध कालोनियों में करीब 120 कालोनियां केडीए को मिली जमीन पर ही काटी गई हैं। इन जमीन की वर्तमान कीमत करोड़ों में है। एक-एक कालोनी में 100 से 250 तक मकान बन गए हैं। ऐसे में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने की हिम्मत अधिकारी नहीं जुटा पाते।
शहर में नगर निगम सीमा में शामिल 85 गांवों की ग्राम सभा की जमीनों पर ही केडीए की योजनाएं बसी हैं। सोसाइटी बनाकर कालोनियां काटने वालों ने आसपास की केडीए की जमीन भी शामिल कर ली। देहली सुजानपुर, मछरिया, गुजैनी, नौबस्ता, शारदा नगर, सनिगवां आदि क्षेत्रों में इस तरह के कब्जे किए गए। आवास विकास परिषद की जमीनों पर बड़ी संख्या में अवैध कब्जेदार काबिज हैं।
नगर निगम की स्वरूप नगर घंटाघर, बीएम श्रीवास्तव मार्केट परेड, सीसामऊ बाजार, जागेश्वर अस्पताल परिसर गोविंद नगर, श्रीरत्न शुक्ल इंटर कालेज परमपुरवा सहित तमाम बेशकीमती संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं। पॉश इलाके स्वरूप नगर स्थित घंटाघर में तो बीयर शॉप तक खुली है। बीएम मार्केट में दबंगों सहित तमाम लोग कब्जा कर न सिर्फ व्यवसाय कर रहे हैं, बल्कि सपरिवार रह रहे हैं। सैकड़ों कब्जे कई दशक से हैं। मथुरा की तरह इनमें से ज्यादातर को खाली कराने में जबरदस्त टकराव की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में नगर निगम सीमा में शामिल 85 गांवों की ग्राम सभा की जमीनों पर ही केडीए की योजनाएं बसी हैं। सोसाइटी बनाकर कालोनियां काटने वालों ने आसपास की केडीए की जमीन भी शामिल कर ली। देहली सुजानपुर, मछरिया, गुजैनी, नौबस्ता, शारदा नगर, सनिगवां आदि क्षेत्रों में इस तरह के कब्जे किए गए। आवास विकास परिषद की जमीनों पर बड़ी संख्या में अवैध कब्जेदार काबिज हैं।
विज्ञापन
नगर निगम की स्वरूप नगर घंटाघर, बीएम श्रीवास्तव मार्केट परेड, सीसामऊ बाजार, जागेश्वर अस्पताल परिसर गोविंद नगर, श्रीरत्न शुक्ल इंटर कालेज परमपुरवा सहित तमाम बेशकीमती संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं। पॉश इलाके स्वरूप नगर स्थित घंटाघर में तो बीयर शॉप तक खुली है। बीएम मार्केट में दबंगों सहित तमाम लोग कब्जा कर न सिर्फ व्यवसाय कर रहे हैं, बल्कि सपरिवार रह रहे हैं। सैकड़ों कब्जे कई दशक से हैं। मथुरा की तरह इनमें से ज्यादातर को खाली कराने में जबरदस्त टकराव की आशंका है।
विज्ञापन