करौली बाबा के ‘चमत्कार’: रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने से लेकर कर चुके हैं ये दावे, कहा- हवन से सबकुछ मुमकिन
Karauli Sarkar: करौली सरकार बाबा विवादों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। वो ऐसे दावे कर चुके हैं, जिन्हे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। बता दें कि बाबा ने अपने चमत्कारों से अतीक के शूटर्स को ढूंढ़ने, रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने जैसे दावे कर चुके हैं।
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दैवीय चिकित्सा का दावा करने वाले विवादों में घिरे करौली बाबा ने पति-पत्नी का विवाद खत्म करने के साथ ही रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करवाने का दावा भी कर डाला। एक न्यूज चैनल को दिए बयान में उन्होंने दावा किया कि अगर रूस और यूक्रेन के नेता उनके पास आएं, तो युद्ध रुकवा देंगे।
उन्होंने दावा किया कि अगर लोगों के दिमाग से लड़ाई झगड़े की स्मृति हटा दी जाए, तो लड़ेंगे ही नहीं। यहां लोग दिनभर लड़ते हुए आते हैं और फिर हाथ डालकर जाते हैं, जबकि बाबा खुद ही डॉक्टर से भिड़ गए थे। बता दें कि बाबा के हवा-हवाई दावे पर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
अतीक के शूटरों को ढूंढ़ने में कर सकता हूं मदद
वहीं, करौली बाबा डॉ. संतोष भदौरिया ने कहा है कि किसी ने ओम को पेटेंट तो नहीं कर रख है। मैं ओम शिव बैलेंस बोलता हूं, न कि ओम अतीक। रिपोर्टर ने पूछा अतीक के शूटरों को पुलिस खोज रही है, क्या आप मदद कर सकते हैं। इस पर बाबा बोला, मदद मांगी जाएगी तो जरूर करेंगे। किसी को भी खोजा जा सकता है।
हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के लिए भी किया था दावा
बता दें कि हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती थे, तब करौली सरकार ने उनकी मदद करने का दावा भी किया था। उनका कहना था यदि राजू के परिजन हवन करवाते हैं, तो राजू ठीक हो जाएंगे। हालांकि बाबा का यह दावा भी गलत साबित हुआ था।
बढ़ रही है बाबा को चैलेंज करने वालों की संख्या
नोएडा के डॉक्टर की ओर से करौली बाबा को चैलेंज करने के बाद बाबा को चैलेंज करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। गुरुवार को दोपहर आश्रम पहुंचे जूही निवासी अधिवक्ता अनिरुद्ध जायसवाल ने मीडिया को बताया कि उन्होंने करौली बाबा के सामने जाकर खुला चैलेंज दिया है।
उन्होंने कि वह मेरे बच्चों को ठीक करें तो मैं उन्हें ब्लैंक चेक दे दूंगा, प्रॉपर्टी नाम कर दूंगा। उनके बेटे श्लोक को बोलने और सुनने में दिक्कत है। उसकी स्पीच थैरेपी चल रही है। बेटी स्तुति की आंखों में भैंगापन है। बाबा ने यह चैलेंज लिया है कि नहीं यह अधिवक्ता नहीं बता सके।
बाबा के केबिन में जाते हैं सिर्फ खास लोग
अमर उजाला की टीम गुरुवार को जब आश्रम पहुंची तो वहां सैंकड़ों की संख्या में भक्त मौजूद थे। बाहर बने हॉल में लगभग एक हजार लोग दिखाई दिए, जो हवन करने के बाद अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। चंद कदम की दूरी पर आश्रम का मेन गेट है। इसके अंदर बाबा संतोष सिंह भदौरिया का केबिन बना है। इस केबिन में कुछ खास लोगों का ही आना जाना है। बाबा केबिन के अंदर से ही लोगों की परेशानी सुनता है। इस दौरान कुछ विदेशी भी वहां मौजूद थे।