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Kanpur: कानूनगो ने गिने रुपये…लेखपाल ने जेब में रखे, किसान से 10 हजार घूस लेते दोनों रंगेहाथ गिरफ्तार

Thu, 01 Aug 2024 10:02 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 01 Aug 2024 10:02 AM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय में किसान से 10 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन के हाथों पकड़े गए कानूनगो और लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कार्यालय पहुंचकर किसान ने 10 हजार रुपये कानूनगो के हाथों में दिए।

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Kanungo counted money, Lekhpal kept it in his pocket, both arrested while taking 10 thousand bribe from farmer
गिरफ्तार दोनों आरोपी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में नर्वल तहसील के सरसौल चकबंदी ऑफिस में कार्यरत कानूनगो व लेखपाल को बुधवार सुबह एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) की टीम ने किसान से 10 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ टीम ने महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। नर्वल के टीकरभाऊ निवासी नवल किशोर शुक्ला व नंद किशोर शुक्ला ने बताया गांव में चकबंदी चल रही है। उनके पास 21 बीघा खेत हैं। चकबंदी के दौरान साढ़े तीन बीघा जमीन कट रही थी।

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जमीन कटने से बचाने के लिए जब उन्होंने तहसील में आवेदन किया तो चकबंदी ऑफिस में तैनात कानूनगो विनोद गौतम व लेखपाल सूरज सिंह ने उनसे 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी। न देने पर तीन माह से लेखपाल उन्हें परेशान कर रहा था। इसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शुरुआती जांच में पुष्टि के बाद एंटी करप्शन की टीम ने कानूनगो और लेखपाल की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। 10-10 हजार रुपये तीन बार में देने की बात हुई।
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पीड़ित किसान केमिकल लगे रुपये लेकर कानूनगो के कार्यालय पहुंचे, जहां रुपये लेते समय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी की सूचना पर थाने में लेखपालों की भीड़ जुटने लगी। इस पर टीम दोनों को साथ लेकर चली गई। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह की तहरीर पर दोनों के खिलाफ महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। गुरुवार को दोनों को लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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कानूनगो और लेखपाल को निलंबित कर दिया
कानपुर में सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय में किसान से 10 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन के हाथों पकड़े गए कानूनगो और लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कार्यालय पहुंचकर किसान ने 10 हजार रुपये कानूनगो के हाथों में दिए। उसने रुपये गिने और रकम पूरी होने पर बगल में मौजूद लेखपाल सूरज यादव को दे दिए। इसी वजह से दोनों एक साथ लपेटे में आ गए।

कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन ने चकबंदी कार्यालय में डाला ताला, कब्जे में लिए अभिलेख
दोनों की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम ने कानूनगो व लेखपाल के पास मौजूद चकबंदी से संबंधित सभी रजिस्टर व अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए और कार्यालय में ताला डाल दिया। लेखपाल की कार व कानूनगो की बाइक भी थाने लाकर सीज कर दी गई। पीड़ित नवल किशोर ने बताया कि पिछले तीन माह से पैमाइश करने व चक काटने के नाम पर लेखपाल सूरज यादव 30 हजार रुपये मांग रहा था।

दोनों को अभी महाराजपुर थाने में ही रखा गया है
लखनऊ में रहने वाले बड़े भाई नंदकिशोर गंभीर रोग से पीड़ित होने के बाद भी आए दिन चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए चक्कर लगा रहे थे। परेशान होकर उन्होंने सोमवार को एंटी करप्शन के अधिकारियों को जानकारी दी। एंटी करप्शन के निरीक्षक चंद्रभान सिंह ने बताया कि आरोपी कानूनगो विनोद कुमार गौतम व लेखपाल सूरज सिंह यादव को गुरुवार को लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया जाएगा। दोनों को अभी महाराजपुर थाने में ही रखा गया है।

उन्नाव के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
मूलरूप से उन्नाव के बारासगवर के बारा गांव निवासी लेखपाल सूरज सिंह यादव सरसौल में चकबंदी कार्यालय के नजदीक ही किराये के घर में रहता था। वहीं, उन्नाव कोतवाली के पूरननगर निवासी कानूनगो विनोद कुमार गौतम कैंसर से पीड़ित है। गिरफ्तारी की सूचना पर उनके दोनों बेटे थाने पहुंचे थे। बड़ा बेटा छोटू मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत है। छोटू ने बताया कि लगभग तीन साल से पिता को गंभीर बीमारी है।

नर्वल में भी कानूनगो व लेखपाल हुए थे गिरफ्तार
पिछले साल 11 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने नर्वल तहसील में भी ऐसी ही कार्रवाई की थी। तब टीम ने कानूनगो विष्णु स्वरूप व लेखपाल रामबचन मौर्य को जमीन की पैमाइश के नाम पर 10- 10 हजार की घूस लेते गिरफ्तार किया गया था।

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