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UP: जन सुनवाई में कानपुर जोन प्रथम, कानपुर कमिश्नरेट की रैंकिंग में भी आया सुधार, सीपी की सख्ती का दिख रहा असर

Wed, 07 Aug 2024 09:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 07 Aug 2024 09:43 PM IST
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Kanpur zone first in public hearing, ranking of Kanpur commissionerate also improved
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर जन शिकायतों के निस्तारण में कानपुर जोन ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की भी रैंकिंग में सुधार हुआ है। बुधवार को जारी हुई रैंकिंग में कानपुर कमिश्नरेट 35वें पायदान पर रहा।

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जून की रैंकिंग में वह 47वें स्थान पर रहा था जबकि मई में 65 वें पायदान पर ही अटक गया था। रैंकिंग में कमिश्नरेट के 47 थानों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, पांच थाने शिकायतों के निस्तारण में फिसड्डी रहे। रैंकिंग के अनुसार आईजीआएस के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण के मामले में कानपुर जोन ने प्रथम स्थान पाया है। कानपुर जोन के कानपुर देहात, औरेया, कन्नौज, ललितपुर को प्रदेश स्तर पर प्रथम रैंक प्राप्त हुई है। साथ ही जोन के कुल 137 थानों में से 125 थानों ने प्रथम रैंक प्राप्त किया। वहीं, कमिश्नरेट के 52 में से 47 थानों ने प्रथम स्थान हासिल किया हैं।
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वहीं, कल्याणपुर, फजलगंज, नजीराबाद, ककवन, चौबेपुर जनसुनवाई में फिसड्डी साबित हुए है। इसके चलते कमिश्नरेट की रैंकिंग प्रभावित हुई है। रैंकिंग आने के बाद एडिशनल सीपी विपिन मिश्रा ने इन फिसड्डी थानाक्षेत्रों के एसीपी से लेकर थाना प्रभारियों को फटकार लगाते हुए पेंच कसे। बता दें, जून की रैकिंग में कमिश्नरेट के 52 थानों में से 40 थाने ही पहले स्थान पर आ सके थे।

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फीडबैक लेकर गुणवत्ता में ला रहे सुधार
एडिशनल सीपी ने बताया कि पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों की जांच आख्या पर जनता से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके लिए एक फीडबैक सेल का गठन किया गया। यह सेल शिकायत निस्तारण के दौरान का फीडबैक लेकर उच्चाधिकारियों तक पहुंचाता है और उसके अनुसार अधिकारी आगे की कार्रवाई का निर्धारण करते हैं।
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