{"_id":"5818cac04f1c1b0e57435fbb","slug":"kanpur-will-start-work-in-green-building-concept","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर में शुरू होगा ‘ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर में शुरू होगा ‘ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 01 Nov 2016 10:33 PM IST
विज्ञापन
केडीए इस तरह से शुरू करेगा ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) अपनी इमारत और प्रोजेक्ट के जरिए कानपुर में ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट लागू करेगा। इसके जरिए शहर में हो रहे निर्माणों में सोलर प्लांट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि के प्रयोग को बढ़ावा देकर पर्यावरणीय संतुलन साधा जाएगा। इस दिशा में काम करते हुए केडीए ने आधुनिक शैली में बनकर तैयार हुई इमारत में सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही यहां बने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भी सुधारा जा रहा है। फ्लाईऐश (राख) से बनी ईंटों का इस्तेमाल भी शुरू करा दिया गया है।
देश में ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार भी वैकल्पिक ऊर्जा के अधिक से अधिक इस्तेमाल और प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण पर काम कर रही हैं। इसके चलते प्रदेश सरकार ने पांच हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली इमारतों में सोलर प्लांट लगाना, 10 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाली प्रोजेक्ट में तालाब का निर्माण, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। नए प्रोजेक्टों में केडीए इनका पालन सुनिश्चित कराएगा। केडीए वीसी जयश्री भोज ने बताया कि प्राधिकरण में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे बिजली की खपत कम की जा सकेगी। जल्द ही इस संबंध में बैठक बुलाई जाएगी। प्राधिकरण की अन्य योजनाओं में भी सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही रेन वॉटर सिस्टम को भी सुधारा जाएगा।
विज्ञापन
देश में ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार भी वैकल्पिक ऊर्जा के अधिक से अधिक इस्तेमाल और प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण पर काम कर रही हैं। इसके चलते प्रदेश सरकार ने पांच हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली इमारतों में सोलर प्लांट लगाना, 10 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाली प्रोजेक्ट में तालाब का निर्माण, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। नए प्रोजेक्टों में केडीए इनका पालन सुनिश्चित कराएगा। केडीए वीसी जयश्री भोज ने बताया कि प्राधिकरण में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे बिजली की खपत कम की जा सकेगी। जल्द ही इस संबंध में बैठक बुलाई जाएगी। प्राधिकरण की अन्य योजनाओं में भी सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही रेन वॉटर सिस्टम को भी सुधारा जाएगा।
विज्ञापन