Kanpur: चार माह से गुजैनी पुलिया का हो रहा चौड़ीकरण, ग्राहक नहीं आने पर युवक ने दी जान, व्यापारियों में आक्रोश
Kanpur News: गुजैनी पुलिया के चौड़ीकरण और मरम्मतीकरण का काम पिछले चार महीने से चलने के कारण अनुभव तिवारी (23) की बर्तन की दुकान का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था। आर्थिक तंगी और गंभीर अवसाद के चलते उसने शुक्रवार को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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कानपुर में गुजैनी पुलिया का चार माह से किए जा रहे चौड़ीकरण एवं मरम्मतीकरण के चलते अनुभव तिवारी (23) की बर्तन की दुकान पर ग्राहक नहीं पहुंच पाए। इससे अवसाद में आए युवक ने शुक्रवार को अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर अंकित तिवारी का चचेरा भाई था। अंकित गुटका खाकर मजाकिया वीडियो बनाने को लेकर चर्चा में आए थे। दबौली निवासी अनुभव तिवारी की गुजैनी पुलिया के पास अंजलि बर्तन भंडार के नाम से दुकान है।
अनुभव के माता-पिता का कोविड के दौरान निधन हो चुका है। बहनें अंजलि और रिया प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। उनका और अंकित का परिवार एक ही घर में रहता है। परिजन के अनुसार अनुभव की जिस जगह दुकान है वहां बीते चार माह से पुलिया के चौड़ीकरण एवं मरम्मतीकरण का काम चल रहा है। इसके चलते अनुभव की बर्तन की दुकान का कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा था। इसे लेकर वह अक्सर अवसाद में रहने लगा।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
शुक्रवार को अनुभव ने ऊपरी तल पर बने कमरे में जाकर चादर से फंदा बनाकर जान दे दी। दोपहर को ताई ममता ने उसे खाने के लिए नीचे से ही आवाजें दीं तो कोई जवाब नहीं मिला। इस पर वह अनुभव के कमरे में पहुंचीं जहां उसका शव फंदे से लटकता देख चीख पड़ीं। गोविंदनगर इंस्पेक्टर अशोक दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदार बोले- किराया और दैनिक खर्चे तक निकालना मुश्किल
अनुभव की मौत की खबर सुनकर गुजैनी पुलिया के पास कारोबार करने वाले लोग सन्न हैं। उन्होंने बताया कि पुलिया निर्माण के चलते करीब चार माह से आसपास की दुकानों पर कामकाज ठप है। दुकान का किराया और दैनिक खर्चे तक निकालना मुश्किल हो रहा है। रास्ता बंद होने के चलते ग्राहक इस तरफ न आकर पहले ही मुड़ कर निकल जाते हैं। व्यापारियों ने अनुभव की मौत पर दुख संवेदना व्यक्त करते हुए गुजैनी पुलिया के चौड़ीकरण के काम को जल्द पूरा करने की मांग की।
सभी लोग पार्षद अंजलि दीक्षित के मकान में किराये पर दुकान लेकर कारोबार करते हैं। मेरा फुटवियर का काम है। पुलिया निर्माण के चलते धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है। चार महीने से जोड़ी हुई रकम से सारे खर्चे वहन करने पड़ रहे हैं। पुलिया का काम जल्द खत्म होना चाहिए था। -विजय कुमार
अनुभव की मौत का अफसोस है। मेरी भी बर्तन की ही दुकान है। पुलिया मरम्मतीकरण शुरू होने के बाद रास्ता बाधित होने से ग्राहकों की इस तरफ चहलकदमी न के बराबर हो गई है। धंधा मंदा हुआ है। अधिकांश दुकानदार परेशान हैं। कार्य को जल्द समाप्त करना चाहिए था। -प्रदीप दुबे