Kanpur Weather Update: पारा 44 पार! बिपरजॉय से बदल सकता है मौसम, वैज्ञानिकों की होगी बैठक...ढूंढेगे समाधान
Weather News: जून में अभी तक 41 डिग्री का औसत पहुंच चुका है, जिसके और बढ़ने की संभावना है। इससे पहले 2014 में औसत तापमान 41.4 डिग्री था। मौसम के इस रुख का देखते हुए 21 को लखनऊ में वैज्ञानिकों की बैठक होगी।
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कानपुर में शनिवार को सुबह नौ बजे से निकली तेज धूप शाम चार बजे तक बनी रही। पांच दिन बाद एक बार फिर से अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। इसमें 1.4 डिग्री बढ़त दर्ज की गई है। सुबह 11 से 12 बजे अधिकतम पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था, जिसमें तीन बजे तक बढ़ोतरी जारी रही।
सूरज डूबने के बाद भी हवा में जलन बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से बुधवार के बीच महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बिपरजॉय चक्रवात की वजह से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार चक्रवात से थो़ड़ी राहत मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि चक्रवात के कारण 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इस बीच अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री और न्यूनतम पारा 30.3 डिग्री रहा। हवा में नमी अधिकतम 47 और न्यूनतम 30 प्रतिशत रही, जबकि हवा की रफ्तार दिन में 8.8 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।
औसत तापमान ने भी तोड़़ा रिकार्ड, 9 साल में सबसे ज्यादा
सुबह से लेकर देर रात तक गर्मी और उमस से लोगों को हलकान कर रखा है। लगातार तापमान को रिकार्ड टूट रहा है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार रोजाना के तापमान के साथ महानगर के आसपास का औसत तापमान भी इस बार पिछले 9 वर्षों की अपेक्षा सबसे ज्यादा है।
आईएमडी ने भी जाहिर की चिंता
इसमें बढ़ोत्तरी भी हो सकती है। 2014 में जून महीने का औसत तापमान 41.4 डिग्री, जो इस बार अभी से 41 डिग्री पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार वर्ष 2023 अब तक सबसे अधिक गर्म वर्ष माना जा रहा है। बताया कि इसे लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भी चिंता जाहिर की है।
फसलों और लोगों पर पड़ेगा असर
डॉ. पांडेय ने बताया कि मौसम में इस तरह के बदलाव का सबसे ज्यादा असर फसलों और लोगों पर पड़ेगा । उन्होंने बताया कि दिन के साथ रात का औसत तापमान बढ़ना और चिंताजनक है। इससे बीमारियां बढ़ने की आशंका है। बताया कि 21 जून को लखनऊ में प्रदेश भर के सभी मौसम विशेषज्ञों की एक बैठक बुलाई गई है।
तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी को लेकर होगी चर्चा
इसमें औसत तापमान में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी को लेकर चर्चा की जाएगी। समाधान खोजा जाएगा कि ऐसे में किस तरह के बीज का प्रयोग किया जाए, जिससे किसानों को उनकी फसलों का सही उत्पादन मिल सके। इसके साथ ही ऐसे मौसम में किस तरह से बचाव किया जा सकता है, इसके लिए सुझाव भी दिए जाएंगे।
इस तरह बढ़ा पिछले वर्षों में औसत पारा
- 2015 में 39.4
- 2016 में 37.8
- 2017 में 38.9
- 2018 में 39.8
- 2019 में 39.7
- 2020 में 35.0
- 2021 में 35.72022 में 40.7
- 2023 में अभी तक 41.0
वर्ष 2023 के शुरुआत से ही मौसम में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। जलवायु परिवर्तन की वजह से इस बार महानगर क्षेत्र में तापमान पिछले वर्षों की अपेक्षा बढ़ा है। यही वजह है कि इस बार ठंड का मौसम भी अधिक समय तक नहीं रहा। गर्मी समय से पहले शुरू हो गई। तापमान के साथ हवा में नमी इस बार अपेक्षाकृत अधिक होने से उमस से भी लोग परेशान हो रहे हैं। बारिश भी अलग-अलग क्षेत्रों में हुई। -डॉ. एसएन पांडेय मौसम विशेषज्ञ