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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Violence Updates, Notice may be issued on the building of Dawat-e-Islami, the decision on the building of Haji Wasi's partner

Kanpur Violence Updates: दावत-ए-इस्लामी की इमारत पर जारी हो सकता है नोटिस, हाजी वसी के साझेदार की बिल्डिंग पर फैसला भी

Mon, 18 Jul 2022 03:00 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 18 Jul 2022 03:00 PM IST
सार

नई सड़क हिंसा में आरोपी बिल्डर मोहम्मद हाजी वसी के साझेदार की अवैध इमारत  पर आज फैसला हो सकता है। वहीं, दावत-ए-इस्लामी की बिल्डिंग को नोटिस भी देने की तैयारी है। 

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Kanpur Violence Updates, Notice may be issued on the building of Dawat-e-Islami, the decision on the building of Haji Wasi's partner
बिल्डर हाजी वसी और हयात जफर हाशमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केडीए के साथ ही नगर निगम और जलकल विभाग ने भी कर्नलगंज के छोटे मियां का हाता में बनी दावत-ए-इस्लामी के कार्यालय की इमारत पर शिकंजा करना शुरू कर दिया है। दोनों विभागों ने 18 जुलाई को उक्त भवन को नोटिस देने की तैयारी की है। केडीए इससे पहले नोटिस थमा चुका है। 

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सुनवाई की तिथि 29 जुलाई मुकर्रर की गई है। इसी बीच नगर निगम अपना बकाया गृहकर (80,000) और जलकल विभाग बकाया जलकर और सीवर कर (60,000) मांगने की तैयारी में है। जलकल विभाग जोन-4 के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि एक - दो दिन में बकाया टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस जारी कर दी जाएगी।
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हाजी वसी के साझेदार की बिल्डिंग पर आज फैसला
बिल्डर हाजी वसी के साझेदार अब्दुल रहमान की अवैध इमारत केडीए की जमीन पर बनी है या निजी जमीन पर, यह फैसला 18 जुलाई को होने की संभावना है। परेड बवाल के मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी को फंडिंग करने वाले बिल्डर हाजी वसी के साझेदार ने जाजमऊ में अवैध रूप से पांच मंजिला इमारत बनवाई है। 

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इसके ग्राउंड फ्लोर में एक कंपनी का डिपार्टमेंटल स्टोर चल रहा है, जबकि ऊपर की चारों मंजिलों में चार - चार फ्लैट बने हैं। केडीए की मिलीभगत से बनी इस बिल्डिंग में लोग रह रहे हैं। बिल्डर अब्दुल रहमान ने यह इमारत निजी आराजी संख्या -1055 में होने का दावा किया था।

वहीं, डीएम के आदेश पर चल रही जांच में यह तय हो गया है कि यह अवैध निर्माण इस आराजी में नहीं है। आराजी संख्या - 1077 या 1078 में होने के संकेत दिए गए, पर पांच दिन से यह तय नहीं हो पाया। जांच में शामिल एक अधिकारी ने 18 जुलाई को इस संबंध में निर्णय होने के संकेत दिए हैं।

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