Kanpur Violence: बवाल में पेट्रोल बम चलने की नहीं हुई पुष्टि, फोरेंसिक रिपोर्ट से हुआ खुलासा
कानपुर हिंसा की जांच अब और तेज हो गई है। इसके तहत फोरेंसिक टीम सबूत जमा करने नई सड़क भी पहुंची। इस जांच में सामने आया है कि बोतल में मिला तरल पदार्थ पेट्रोल नहीं था। ऐसे में आशंका बढ़ गई है कि घटना स्थल से साक्ष्य मिटाए गए हैं।
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कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल के मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट से अहम खुलासा हुआ है। बवाल के दौरान पेट्रोल बम चलने की पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल घटना स्थल से बरामद बोतलों में मिला तरल पदार्थ पेट्रोल नहीं था। ऐसे में अब आशंका बढ़ गई है कि घटना स्थल से साक्ष्य मिटाए गए।
पुलिस ने एफआईआर में दावा किया था कि ईंट-पत्थर के अलावा गोली व पेट्रोल बम चले थे। सूत्रों के मुताबिक फोरेंसिक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद दो दिनों तक लगातार फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जाकर छानबीन की थी और साक्ष्य जुटाए थे।
वहां से मिली बोतलों को कब्जे में लिया था। मगर उसमें पेट्रोल नहीं था। बोतल में मिला तरल पदार्थ एसिड निकला है। फोरेंसिक टीम ने 20 अहम फोटो को जांच में शामिल किया है, जिसके जरिये यह दर्शाया गया है कि कहां से ईंट-पत्थर चले। कौन-कौन से वाहन तोड़े गए, उनकी फोटो है। घटना स्थल की स्थिति बयां करते हुए फोटो साक्ष्य के तौर पर हैं।
कई जिलों से आए थे उपद्रवी
एसआईटी की शुरुआती जांच में शहर के अलावा उन्नाव से उपद्रवियों के आने की जानकारी हुई थी। सर्विलांस आदि डिटेल से इसकी पुष्टि भी हो गई है। वहीं अब लखनऊ, कन्नौज, प्रयागराज समेत कई और जिलों से उपद्रवियों के बवाल में शामिल होने की आशंका है।
इससे संबंधित कुछ साक्ष्य मिले हैं। एसआईटी इसकी तफ्तीश कर जानकारी का सत्यापन कर रही है। मोबाइल टाॅवर से मिले डाटा को भी खंगाल रही है, जिससे पता चल सकेगा कि बवाल के वक्त घटना स्थल के पास कहां-कहां के मोबाइल नंबर सक्रिय थे।