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Kanpur Violence: मुख्तार बाबा को क्लीन चिट देने में फंस सकते हैं अफसर, पढ़ें पूरा मामला
Mon, 27 Jun 2022 11:19 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 27 Jun 2022 11:19 AM IST
सार
पुलिस ने प्रशासनिक जांच में बाबा के समर्थन में बयान देने वाले ज्यादातर लोगों पर ही मंदिर कब्जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। ऐसे में यह तय है कि पुलिस क्लीन चिट देने वाले अधिकारियों की जांच रिपोर्ट और उनकी भूमिका की जांच भी जरूर करेगी।
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मुख्तार बाबा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल में फंडिंग से लेकर मंदिर की जमीन कब्जाने के आरोप में फंसे बाबा बिरयानी के मालिक हाजी मुख्तार अहमद बाबा को क्लीन चिट देने वाले प्रशासनिक अफसरों पर भी पुलिस की कार्रवाई की गाज गिर सकती है। कारण, मुख्तार बाबा के खिलाफ पुलिस ने जिस राम जानकी मंदिर को तोड़ने और दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर कब्जा करने के आरोप में बजरिया थाने में दो एफआईआर दर्ज की है।
उसी मंदिर को कब्जाने के मामले में प्रशासन के पास दो बार शिकायत आई थी। इस मामले में पहले 2019 में एसीएम 3 ने जांच कर क्लीनचिट दी, फिर 2020 में एसीएम 7, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और तहसीलदार न्यायिक सदर की संयुक्त कमेटी ने भी अपनी जांच में क्लीन चिट दे दी थी। दोनों जांच कमेटियों ने यह माना था कि बाबा ने यह परिसर आबिद रहमान से खरीदा था, जो मकान नंबर 88/22 नाला रोड पर रहता था।
शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक कार्यालय के दस्तावेजों में आबिद रहमान पाकिस्तानी नागरिक है। वहीं, पुलिस ने प्रशासनिक जांच में बाबा के समर्थन में बयान देने वाले ज्यादातर लोगों पर ही मंदिर कब्जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। ऐसे में यह तय है कि पुलिस क्लीन चिट देने वाले अधिकारियों की जांच रिपोर्ट और उनकी भूमिका की जांच भी जरूर करेगी।
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उसी मंदिर को कब्जाने के मामले में प्रशासन के पास दो बार शिकायत आई थी। इस मामले में पहले 2019 में एसीएम 3 ने जांच कर क्लीनचिट दी, फिर 2020 में एसीएम 7, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और तहसीलदार न्यायिक सदर की संयुक्त कमेटी ने भी अपनी जांच में क्लीन चिट दे दी थी। दोनों जांच कमेटियों ने यह माना था कि बाबा ने यह परिसर आबिद रहमान से खरीदा था, जो मकान नंबर 88/22 नाला रोड पर रहता था।
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शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक कार्यालय के दस्तावेजों में आबिद रहमान पाकिस्तानी नागरिक है। वहीं, पुलिस ने प्रशासनिक जांच में बाबा के समर्थन में बयान देने वाले ज्यादातर लोगों पर ही मंदिर कब्जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। ऐसे में यह तय है कि पुलिस क्लीन चिट देने वाले अधिकारियों की जांच रिपोर्ट और उनकी भूमिका की जांच भी जरूर करेगी।
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