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Kanpur Violence: नगर निगम ने पुलिस को सौंपी पंचशाला की प्रमाणित कॉपी, अन्य दस्तावेज मिलने के बाद होगी कार्रवाई

Mon, 11 Jul 2022 12:53 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 11 Jul 2022 12:53 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बीते तीन जून को नई सड़क पर हुई हिंसा मामले में मुख्तार बाबा जेल में बंद है। उस पर राम जानकी मंदिर पर कब्जा कर बाबा बिरयानी होटल बनाने का भी आरोप है। 
 

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Kanpur Violence, Municipal Corporation handed over the certified copy of Panchshala to the police, action will be taken after getting other documents
बाबा बिरयानी कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में नई सड़क बवाल में फंडिंग के मामले में जेल गए बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार अहमद उर्फ मुख्तार बाबा का पूरा कुनबा मुकदमों में फंस गया है। राम जानकी मंदिर की जमीन कब्जाने की जांच कर रही पुलिस को नगर निगम ने संबंधित जमीन की पंचशाला की प्रमाणित कॉपी शनिवार को पुलिस को सौंप दी है। मंदिर की जमीन से संबंधित अन्य दस्तावेज सोमवार को सौंपे जाएंगे। 

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मुख्तार पर आरोप है कि उसने अपने साथियों संग मिलकर फर्जी दस्तावेज के जरिये मंदिर की जमीन को कब्जा कर बैनामा करा लिया। फिर उसे तोड़कर होटल बनवा लिया। बजरिया थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि नगर निगम की ओर से दस्तावेज सौंपे गए हैं। अन्य दस्तावेज सोमवार को मिल जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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फर्जीवाड़ा कर जमीन कब्जाने की आशंका 
जिस संपत्ति संख्या 99/14 पर राम जानकी मंदिर को लेकर विवाद चल रहा है, वह जमीनल नगर निगम के पंचशाला में 1927 से 1948 तक भगवानदीन के नाम दर्ज था। भगवानदीन के परिवार के लालता प्रसाद ने इसे 1947 में मौला बख्श को बेच दिया था। 

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वर्ष 1967 में पाकिस्तानी नागरिक आबिद रहमान ने मौला बख्श से यह संपत्ति खरीद ली थी। फिर वर्ष 1982 में मुख्तार बाबा के परिवार ने इस संपत्ति को खरीद लिया। वहीं, राम जानकी मंदिर के पूर्व किराएदार कंघी मोहाल निवासी एहसानउलहक अंसारी ने बताया कि राम जानकी मंदिर की संपत्ति संख्या 99/14 थी, जिसे आरोपियों ने नगर निगम में 99/14-ए में दर्ज कराकर उसमें कब्जा किया था।

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