Kanpur Violence: बस्ती जेल में बंद जावेद से होगी पूछताछ, अहम पहलुओं से जल्द उठ सकता है पर्दा
ज्वाइंट सीपी ने एसआईटी अध्यक्ष को इसके निर्देश दिए हैं। इसके तहत कानपुर हिंसा मामले में जावेद अहमद से पूछताछ करने के लिए पुलिस बस्ती जेल जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर नई सड़क बवाल के मामले में बंद शातिर जावेद अहमद ने सरसौल में किससे मुलाकात की थी। उस शख्स को वह क्या सूचना देने गया था और उससे क्या सूचना लेकर लखनऊ की तरफ निकल गया था। इसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने बस्ती जेल जाकर जावेद से जाकर पूछताछ करेगी।
ज्वाइंट सीपी ने एसआईटी से एक सह विवेचक भेजने के निर्देश अध्यक्ष को दिए हैं। ज्वाइंट सीपी ने बताया कि जांच में इस तथ्य की पुष्टि हो गुई है कि 3 जून को बवाल के बाद हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद, मोहम्मद सुफियान और मोहम्मद राहिल पहले सरसौल भागकर गए थे। वहां पर गाड़ी से उतरकर जावेद अकेला मोटरसाइकिल पर आए एक शख्स से मिलने गया था।
दूसरे शख्स के डिजिटल फुटप्रिंट नहीं मिले
जावेद के उस शख्स से मिलने की कहानी पुष्ट हुई मगर वह कौन था इसका पता पुलिस नहीं लगा सकी। पुलिस की जांच में पता चला है कि उस दौरान वह व्यक्ति कोई भी मोबाइल फोन नहीं लिए हुए था। उसका कोई डिजिटल फुटप्रिंट तक भी पुलिस नहीं पहुंच सकी है। ज्वाइंट सीपी के मुताबिक अब इसका तरीका सिर्फ यहीं है कि बस्ती भेजकर इस मामले में जावेद से पूछताछ कराई जाए।
क्या हो सकती है संभावना
इस प्रकरण में पुलिस दो संभावनाओं पर काम कर रही है। पहली यह कि वह शख्स सरसौल का ही मूल निवासी हो और जावेद से मिलने के लिए आया हो। इस कारण वह मोबाइल न लाया हो। दूसरा वह शख्स खुद कहीं बाहर का हो और मिलने का प्वाइंट सरसौल कस्बे के पास रखा गया हो।
जावेद ने किससे मुलाकात की थी, इसकी जानकारी करने के लिए टीम को बस्ती जेल उससे पूछताछ करने के लिए भेजी जाएगी। उस अज्ञात शख्स के बारे में जानकारी करने के लिए टीम को लगाया गया है। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट सीपी