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Kanpur Violence: हयात की सीएए हिंसा की फाइल खुली, क्लीनचिट देने वालों की जांच
Thu, 09 Jun 2022 09:46 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 09 Jun 2022 09:46 AM IST
सार
सीएए हिंसा में हयात को एक केस में आरोपी बनाया गया था। मगर, चार्जशीट में उसका नाम शामिल नहीं था। उसका नाम विवेचना के दौरान निकाल दिया गया था, जबकि फेसबुक पर उसके तमाम वीडियो ऐसे पोस्ट किए गए थे, जिसमें वह लोगों को भड़काता हुआ सुनाई दे रहा था। इन सबके बावजूद हयात को क्लीनचिट दी गई थी।
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हयात जफर हाशमी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सीएए हिंसा के केस में हयात जफर हाशमी पर नरमी बरतकर उसको क्लीनचिट क्यों दी गई थी, अब इसकी जांच शुरू हो गई है। पुलिस कमिश्नर ने उसकी पुरानी फाइल खोल दी है। साथ ही पूरी कुंडली उसकी खंगाली जा रही है। क्लीनचिट देने वाले पुलिसकर्मियों की भी जांच कराई जा रही है। जांच में देखा जाएगा कि आखिर किस आधार पर हयात को क्लीनचिट दी गई थी।
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सीएए हिंसा में हयात को एक केस में आरोपी बनाया गया था। मगर, चार्जशीट में उसका नाम शामिल नहीं था। उसका नाम विवेचना के दौरान निकाल दिया गया था, जबकि फेसबुक पर उसके तमाम वीडियो ऐसे पोस्ट किए गए थे, जिसमें वह लोगों को भड़काता हुआ सुनाई दे रहा था। भीड़ जुटाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। एक तरह से वहां भी वह पर्दे के पीछे ही रहा था लेकिन साजिश रचने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। इसके बावजूद उसको क्लीनचिट दे दी गई थी। अब जब बवाल के मामले में वह बेनकाब हुआ तो पुराने मामले भी खुलने लगे हैं।
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वहीं, सीएए हिंसा में भीड़ को जुटाने, भड़काने और हिंसा कराने की साजिश में जो लोग शामिल रहे थे, उनके बारे में भी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। हिंसा के जो केस दर्ज किए थे उनमें से हयात के अलावा किन-किन लोगों का नाम बाहर हुआ था, किस आधार पर हुआ था। इन पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है।
पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। देखा जा रहा है कि किस आधार पर केस से नाम बाहर किया गया था। अगर साक्ष्यों को दरकिनार कर ऐसा किया गया होगा तो ऐसा करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। - विजय सिंह मीना, पुलिस कमिश्नर