Kanpur Violence: हयात एंड कंपनी को वापस जेल भेजा, कस्टडी रिमांड में उगले कई राज, बवाल की साजिश भी हुई उजागर
कानुपर में तीन जून को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी समेत चारों आरोपियों को वापस जेल भेज दिया गया है। 50 घंटे से अधिक समय तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर रहे आरोपियों ने कई राज उगले हैं।
विस्तार
कानपुर में नई सड़क बवाल के साजिशकर्ता हयात एंड कंपनी की सोमवार दोपहर पुलिस कस्टडी रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद वापस जेल भेज दिया गया। 50 घंटे से अधिक रिमांड अवधि के दौरान हयात ने कई राज उगले।
हयात जफर हाशमी के साथ साजिश में शामिल उसके साथी जावेद अहमद, सूफियान और राहिल को पुलिस ने जेल भेजा था। 11 जून को इन चारों को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिया था। एसआईटी के अलावा एटीएस और आईबी की टीम ने भी उनसे पूछताछ की। इस दौरान फंडिंग से संबंधित कुछ अहम जानकारी पुलिस के हाथ लगी है। उसी के जरिये हाजी वसी का नाम सामने आया। उसके खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई भी शुरू हो गई।
उन्नाव से भी आए थे उपद्रवी
हयात एंड कंपनी से पूछताछ में सामने आया है कि बाजार बंदी में शामिल होेने के लिए उन्नाव से भी लोग शामिल हुए थे। कइयों के नाम भी पुलिस के हाथ लगे हैं। मोबाइल नंबर की सीडीआर और लोकेशन की मदद से एसआईटी पुष्टि कर रही है।
कई बड़े बिरयानी दुकानदार शामिल
सूत्रों के अनुसार हयात ने पुलिस को बताया है कि चमनगंज व बेकनगंज इलाके के कई बिरयानी दुकानदार उसके करीबी हैं। जो बड़े पैमाने पर उसको व उसकी संस्था को फंडिंग करते थे। इसमें से एक का नाम शत्रु संपत्ति के मामले में आ चुका है।
साक्ष्य जुटाने के बाद बनाए जाएंगे आरोपी
पिछले तीन दिनों में हयात के फाइनेंसर और बिल्डरों पर कार्रवाई शुरू हुई है। पुलिस का दावा है कि हाजी वसी मुख्य फाइनेंसर है। अफसरों का कहना है कि जिनके भी नाम सामने आए हैं, सभी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुष्टि होते ही उन्हें केस में आरोपी बनाया जाएगा।
बवाल के दूसरे दिन पुलिस ने हयात के साथ जावेद, सूफियान समेत चार साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। पांच जून को वह जेल भेजे गए थे। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर इन चारों साजिशकर्ताओं को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान तमाम खुलासे होने की उम्मीद थी, पुलिस की विस्तृत पूछताछ में हुआ भी कुछ वैसा ही है।