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नई सड़क बवाल: दंगाइयों को फंडिंग करने का आरोपी हाजी वसी रिहा, एनएसए की वजह से जेल में कट रही थी रातें

Wed, 27 Sep 2023 08:39 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 27 Sep 2023 08:39 AM IST
सार

Kanpur News: जानकारी के मुताबिक अब जेल प्रशासन ने मुख्तार बाबा के अलावा तीन अन्य आरोपी जो हिंसा में शामिल थे। इनको दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है। शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। आरोपी एक साथ मिलकर किसी तरह की साजिश न रच सकें, इसलिए जेल बदली जा रही हैं।

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Kanpur Violence, Haji Wasi accused of funding rioters, released, Wasi was spending nights in jail because of N
हाजी वसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में नई सड़क पर तीन जून को जुमे की नमाज के बाद चंद्रेश्वर हाते पर हुए हमले और फिर हुए बवाल का आरोपी बिल्डर हाजी वसी जेल में एक साल दो महीने बाइस दिन काटने के बाद रिहा हो गया। उसपर आरोप था कि वह बिल्डर हाजी वसी हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी को फंडिंग करता था।

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इसी के चलते उसे 5 जुलाई को 2022 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, सितंबर महीने में उसपर शासन की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून रासुका लगा दिया गया। रासुका एक साल तक तामील रह सकता है, जिसके कारण संबंधित व्यक्ति को रासुका की मियाद खत्म होने तक जेल में रखा जा सकता है।
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इसके चलते उसके कुछ मामलों में जमानत पाने के बावजूद वसी के जेल से अगले एक साल तक रिहा होने के सारे दरवाजे बंद हो गए। हालांकि उसके बेटे अब्दुल रहमान को पिछले साल 10 अक्तूबर को जमानत मिल गई। चूंकि उसपर रासुका नहीं लगा था, इसलिए वह जेल से रिहा भी हो गया।

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वसी पर रासुका भी लगा दिया गया
बता दें, नई सड़क बवाल में पुलिस ने तीन केस दर्ज किए थे। इसके बाद मामले में मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी, बिल्डर हाजी वसी, मुख्तार बाबा समेत 56 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी के बाद वसी, मुख्तार बाबा, शफीक और अकील खिचड़ी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई और बाद में वसी पर रासुका भी लगा दिया गया।

55 नामजद और एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
नई सड़क पर तीन जून को जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हुआ था। बवाल की जांच कर रही टीम ने 40 लोगों को चिह्नित कर उनके चौराहों पर पोस्टर चस्पा कराए थे। पुलिस ने मामले में 55 लोगों को नामजद और एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।

60 आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
इसमें अब तक 60 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य रूप से हयात जफर हाशमी, बाबा बिरयानी का मालिक मुख्तार बाबा आदि भी शामिल है। हयात समेत आठ मुख्य आरोपियों को पिछले महीने ही आलग-अलग जेलों में शिफ्ट कर दिया गया था।

दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू
जानकारी के मुताबिक अब जेल प्रशासन ने मुख्तार बाबा के अलावा तीन अन्य आरोपी जो हिंसा में शामिल थे। इनको दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है। शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। आरोपी एक साथ मिलकर किसी तरह की साजिश न रच सकें इसलिए जेल बदली जा रही हैं।

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