Kanpur Violence: बिल्डर वसी की अर्जी खारिज, गिरफ्तारी से राहत नहीं, 40 आरोपियों ने दाखिल की जमानत अर्जियां
कानपुर हिंसा और बवाल के मामले में फंडिंग समेत तीन मुकदमों के आरोपी बिल्डर हाजी मो. वसी ने अग्रिम जमानत मांगी थी। कोर्ट ने आरोपी को अंतरिम जमानत देने से इनकार किया।
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कानपुर में नई सड़क पर तीन जून को हुए उपद्रव के मास्टरमाइंड एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी को फंडिंग करने वाले बिल्डर हाजी मो. वसी को फिलहाल कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वसी ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। अर्जी पर फैसला आने तक के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी लेकिन अपर जिला जज 16 जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
एडीजीसी दिनेश अग्रवाल ने बताया कि वसी की अग्रिम जमानत अर्जी पर कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि पहले कर्नलगंज पुलिस मामले की विवेचना कर रही थी लेकिन अब दोबारा एसआईटी का गठन कर विवेचना कोतवाली स्थानांतरित की गई है। अब तक केस डायरी व संबंधित कागजातों का आदान प्रदान नहीं हो सका है इसलिए दस दिन का समय दिया जाए।
वसी के अधिवक्ता का तर्क था कि पुलिस ने वसी को तीन मुकदमों में आरोपी बनाया है। पुलिस वसी को गिरफ्तार करने की फिराक में है। गिरफ्तारी हो गई तो अग्रिम जमानत अर्जी का कोई महत्व नहीं रह जाएगा इसलिए अगली सुनवाई होने तक वसी को अंतरिम जमानत दे दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत को औचित्यहीन मानते हुए अर्जी खारिज कर दी और तीनों मुकदमों में अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 5 जुलाई की तिथि नियत की है।
40 आरोपियों ने दाखिल की जमानत अर्जियां
विशेष लोक अभियोजक पंकज त्रिपाठी ने बताया कि जेल में बंद उपद्रव के लगभग 40 आरोपियों की ओर से अलग-अलग जमानत अर्जियां भी दाखिल की गई हैं। कुछ अर्जियों पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन पुलिस रिपोर्ट न आने से अब छह जुलाई को सुनवाई होगी। वहीं 10-15 जमानत अर्जियों पर शुक्रवार को भी सुनवाई होनी है।