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Kanpur: अखिलेश दुबे के खिलाफ जबरन वसूली, धमकी देने में तीसरी एफआईआर

Sat, 09 Aug 2025 10:13 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 09 Aug 2025 10:13 PM IST
सार

Kanpur News: किदवईनगर पुलिस ने आवास विकास हंसपुरम के शैलेंद्र कुमार की तहरीर पर शनिवार की शाम को कार्रवाई की। डकैती, बलवा, मारपीट, असलहा लेकर धमकाने की धाराएं लगीं।

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Kanpur: Third FIR against Akhilesh Dubey for extortion, threatening
अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कमिश्नरी पुलिस ने अधिवक्ता अधिलेश दुबे के खिलाफ शनिवार की शाम को तीसरी एफआईआर दर्ज की है, जिसमें जबरन वसूली, रंगदारी मांगने, धमकी देने, मारपीट, डकैती, बलवा जैसी धाराएं लगाई हैं। यह कार्रवाई हंसपुरम आवास विकास के शैलेंद्र कुमार की तहरीर पर किदवईनगर पुलिस ने की। एफआईआर में अखिलेश दुबे, अधिवक्ता पंकज दीक्षित, अनुज मिश्रा, कथित पत्रकार विपिन गुप्ता नामजद और दो से तीन अज्ञात शामिल हैं।
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शैलेंद्र कुमार की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक वह 2014 में सच के आईना संस्था में महामंत्री थे। संस्था पीड़ितों की मदद कर उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करती थी। उन्होंने 20 अप्रैल 2015 को साकेतनगर में अवैध निर्माण कराकर किशोरी वाटिका गेस्ट हाउस चलाए जाने की शिकायत तत्कालीन नगर आयुक्त से और कई उच्च अधिकारियों से की थी। उनके पास 12 मई 2015 की सुबह साढ़े दस बजे कथित पत्रकार विपिन गुप्ता का फोन आया। उसने इंटरव्यू लेने के बहाने उन्हें साकेतनगर के कार्यालय में बुलाया, वहां चार से पांच लोग बैठे हुए थे। आरोपियों ने उनसे मारपीट की, जिसमें वह जमीन पर गिर गए। शैलेंद्र कुमार का आरोप है कि अखिलेश दुबे ने उनके मुंह में रिवाल्वर घुसेड़ दी और गाली गलौज की। उनसे कहा कि तेरी शिकायतों की वजह से 20 लाख रुपये बर्बाद हो गए हैं, अब 20 लाख रुपये दोगे तभी जान बचेगी।
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पीड़ित किसी तरह माफी मांगकर चला गया। जून 2015 से उनसे लगादार रुपये मांगे गए। आरोप है कि अखिलेश दुबे व उसके साथियों ने साजिश कर रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके खिलाफ एक सितंबर 2015 में कल्याणपुर, आठ अक्तूबर 2015 को चकेरी, फिर फजलगंज और बाबूपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चकेरी और फजलगंज थाने में दर्ज रिपोर्ट में वह नामजद भी नहीं थे, लेकिन उन्हें फंसाया गया। उन्होंने डर की वजह से शिकायतें नहीं की। कमिश्नरी पुलिस ने जब एसआईटी का गठन किया तब शिकायत की है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है।
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