Kanpur: सहकारी समितियों में डीएपी नहीं…किसान परेशान, बोले- ये फसल के लिए संकट, नहीं कर पा रहे हैं बुआई
Kanpur News: घाटमपुर और पतारा की सहकारी समितियों में धान, बाजरा और कुम्हड़े की बुवाई के लिए डीएपी खाद की भारी किल्लत है, जिससे किसान परेशान हैं। अधिकारी दो दिन से खाद भेजने का दावा कर रहे हैं, लेकिन किसानों को अभी तक पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है।
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कानपुर के घाटमपुर में फसल बोने के समय सहकारी समितियों में डीएपी खाद की किल्लत किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। समय से खाद न मिल पाने से वो अपनी फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। घाटमपुर विकास खंड क्षेत्र के अमौली की सहकारी समिति के लेखाकार दीपांशु यादव ने बताया कि छह जुलाई को डीएपी खत्म हो गई थी।
पैसा भी ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन अभी तक डीएपी नहीं आई है। वहीं, घुरऊपुर से समिति आए किसान राम जीवन व भूलभुलिया पुर के किसान होरीलाल ने बताया कि बाजरा और कुम्हड़े की फसल बोने के लिए डीएपी लेने आए थे. न मिलने पर धान के लिए केवल यूरिया लेकर ही जा रहे हैं। पतारा विकास खंड क्षेत्र की सभी छह समितियों में कहीं भी यूरिया व डीएपी नहीं है।
दो दिन से डीएपी समितियों में भेजी जा रही है
इससे किसान परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में जिला सहायक निबंधक सहकारी समिति राकेश कुमार कहते हैं कि पिछले दो दिन से डीएपी समितियों में भेजी जा रही है और आज भी जाएगी। जब अमौली समिति के बारे में जानकारी दी गई, तो बोले यदि नहीं है, तो वहां भी भिजवाते हैं।