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आंधी ने आम के कारोबारियों की बढ़ाई मुश्किलें, पेड़ में लदा कच्चा आम गिरने से हुआ नुकसान
Tue, 28 Apr 2020 03:02 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 28 Apr 2020 03:02 AM IST
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आंधी ने आम के कारोबारियों की बढ़ाई मुश्किलें
- फोटो : amar ujala
कानपुर में जगह-जगह लगने वाली मैंगो शेक की दुकानें बंद होने से पहले से परेशान आम कारोबारियों को रविवार को आई आंधी से और झटका लगा है। पिछले साल की अपेक्षा पहले से ही कमजोर दशहरी आम की फसल को आंधी से 10 से 15 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
ऐसे में कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। क्योंकि कारोबारी किसानों से पहले ही पूरे बाग का सौदा कर लेते हैं। यूपी फ्रूट मर्चेंट एसोसिएशन अध्यक्ष उमेश सिंह तोमर ने बताया कि शहर में सबसे अधिक खपत दशहरी आम की है।
यह आम उन्नाव, लखनउ, मलिहाबाद आदि जगहों से आता है। उन्होंने बताया कि सोमवार को इन क्षेत्रों के बाग संचालकों से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि काफी नुकसान हुआ है। अमिया पेड़ों से गिर गई हैं। लॉकडाउन की वजह से तोतापरी आम बाहर से आ नहीं पा रहा है।
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बादामी आम कर्नाटक और आंध्रप्रदेश से आ तो रहा है लेकिन उसके खरीदार नही हैं। संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीतू सिंह ने बताया कि इस बार दशहरी आम की फसल पिछले साल की तुलना में कम है। आंधी से और नुकसान हुआ है।
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ऐसे में कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। क्योंकि कारोबारी किसानों से पहले ही पूरे बाग का सौदा कर लेते हैं। यूपी फ्रूट मर्चेंट एसोसिएशन अध्यक्ष उमेश सिंह तोमर ने बताया कि शहर में सबसे अधिक खपत दशहरी आम की है।
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यह आम उन्नाव, लखनउ, मलिहाबाद आदि जगहों से आता है। उन्होंने बताया कि सोमवार को इन क्षेत्रों के बाग संचालकों से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि काफी नुकसान हुआ है। अमिया पेड़ों से गिर गई हैं। लॉकडाउन की वजह से तोतापरी आम बाहर से आ नहीं पा रहा है।
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बादामी आम कर्नाटक और आंध्रप्रदेश से आ तो रहा है लेकिन उसके खरीदार नही हैं। संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीतू सिंह ने बताया कि इस बार दशहरी आम की फसल पिछले साल की तुलना में कम है। आंधी से और नुकसान हुआ है।