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पेट दर्द के बाद चित्रकूट के राजकीय संप्रेक्षण गृह में कानपुर के किशोर कैदी की मौत से मचा हड़कंप
Thu, 08 Aug 2019 08:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 08 Aug 2019 08:04 PM IST
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राजकीय संप्रेक्षण गृह में कानपुर के किशोर बंदी की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट के राजकीय संप्रेक्षण गृह में किशोर बंदी की पेट में तेज दर्द होने पर मौत हो गई। मृतक कानपुर में जूही झकरकटी क्षेत्र का निवासी था। उसको कानपुर में नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा गया था। उसको कानपुर से 19 मई काे ही चित्रकूट के बाल सुधार गृह भेजा गया था।
कानपुर में वह दो नवंबर 18 से बंद था। परिजनों ने प्रभारी सहायक अधीक्षक पर इलाज कराने में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महज दर्द की गोलियां दिलाकर उसका इलाज कराया गया जबकि इमरान बार-बार गंभीर रूप से पेटदर्द की शिकायत कर रहा था।
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कानपुर में वह दो नवंबर 18 से बंद था। परिजनों ने प्रभारी सहायक अधीक्षक पर इलाज कराने में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महज दर्द की गोलियां दिलाकर उसका इलाज कराया गया जबकि इमरान बार-बार गंभीर रूप से पेटदर्द की शिकायत कर रहा था।
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चित्रकूट में कसहाई रोड बल्दाऊगंज स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद किशोर को कई दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। जिसका जिला अस्पताल में पांच अगस्त को इलाज कराया गया। सात अगस्त को फिर तेज दर्द होने पर अस्पताल भेजा तो डाक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा।
शाम को अल्ट्रा साउंड होने के बाद उसे गुुरुवार की सुबह सुरक्षाकर्मी के साथ जिला अस्पताल भेजने की तैयारी चल रही थी। जैसे ही वह गेट तक पहुंचा तो अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। इससे वहां हड़कंप मच गया। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल भेजा गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शाम को अल्ट्रा साउंड होने के बाद उसे गुुरुवार की सुबह सुरक्षाकर्मी के साथ जिला अस्पताल भेजने की तैयारी चल रही थी। जैसे ही वह गेट तक पहुंचा तो अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। इससे वहां हड़कंप मच गया। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल भेजा गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
संप्रेक्षण गृह के प्रभारी सहायक अधीक्षक वीर सिंह ने बताया कि किशोर को कई दिनों से पेट दर्द था जिसका इलाज भी कराया जा रहा था। किसी भी तरह की लापरवाही बरतने से इंकार किया है। मृतक के परिजनों को इसकी जानकारी दी गई है।
इसके बाद देर शाम परिजनों की मौजूदगी में मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि वह पेट की किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था, जिसपर ध्यान नहीं दिया गया और उसको महज दर्द की गोलियां दी जाती रही।
इसके बाद देर शाम परिजनों की मौजूदगी में मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि वह पेट की किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था, जिसपर ध्यान नहीं दिया गया और उसको महज दर्द की गोलियां दी जाती रही।