UP: अखिलेश दुबे और साथियों की संपत्तियों की SIT जांच, कई शहरों में प्रॉपर्टी होने की जानकारी…तैयार हो रही सूची
Kanpur News: पुलिस और एसआईटी ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। यह जांच फर्जी दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में एफआईआर कराने वाले गिरोह की शिकायतों के बाद हो रही है।
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कानपुर में जिला प्रशासन, राजस्व विभाग के साथ पुलिस और एसआईटी ने चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों के नाम की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। इस कार्य में पुलिस और एलआईयू के स्टाफ को लगाया गया है। राजस्व विभाग की मदद से संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है। एसआईटी के पास कई शिकायतें आई थीं जिसमें कहा गया कि आरोपियों ने होटल, मॉल, हॉस्टल, प्लॉट अपराध के दम पर बनाए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को साकेतनगर, वीआईपी रोड, नवाबगंज और अन्य क्षेत्रों की संपत्तियों की जांच की गई। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ के फर्जी मामलों में एफआईआर कराने वाले गिरोह की शिकायत पर एसआईटी का गठन किया। टीम के सामने 10 मामले आए। अधिकारियों ने उनके पीड़ितों से जब बात की, तो उन्होंने एफआईआर के पीछे संपत्ति और जमीन का खेल होने की बात कही।
किसी अपराध से अर्जित तो नहीं की गई हैं संपत्तियां
पीड़ितों ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों के पास कानपुर ही नहीं कई अन्य शहरों में संपत्ति होने की जानकारी दी। एसआईटी ने इन संपत्तियों का ब्योरा राजस्व विभाग, जिला प्रशासन और केडीए के सहयोग से हासिल कर लिया। अब इन संपत्तियों को दिखवाया जा रहा है कि यह किसी अपराध से अर्जित तो नहीं की गई हैं। बता दें कि कानपुर, उन्नाव, नैनीताल समेत कई शहरों में संपत्ति होने की जानकारी मिली है।
यह संपत्तियां आखिर किसके नाम पर
जिला प्रशासन, केडीए के सहयोग से एसआईटी के पास अखिलेश दुबे, उसके रिश्तेदारों और साथियों की संपत्तियों की सूची मिल गई है, जिसमें बिधनू का फार्म हाउस, केशवनगर का शक्तिदीप पार्टी लाॅन, रमईपुर में 60 बीघा जमीन, दीप सिनेमा के नजदीक 400 गज के दो प्लॉट, साकेतनगर में 800 गज का प्लॉट, नैनीताल का रिसार्ट, उन्नाव में 200 बीघा जमीन, गंगा बैराज में 50 बीघा जमीन शामिल है। एसआईटी को कई अलग जगहों पर छोटे-छोटे फार्म हाउस, प्लॉट आदि की जानकारी भी मिली है, जिसका आकलन कराया जा रहा है।
संपत्ति के लिए कहीं कोई रिपोर्ट तो नहीं हुई
पुलिस कमिश्नरी के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि जांच की जा रही है संपत्तियों के पीछे कोई एफआईआर हुई थी या नहीं। कोई विवाद रहा हो जिसमें पुलिस को बीचबचाव करना पड़ा हो। संपत्तियों के दस्तावेज और खरीद फरोख्त भी देखी जा रही है। अगर इन संपत्तियों में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो बीएनएस की धारा 107 के अंतर्गत कुर्की की जा सकती है।