Kanpur: कलेक्ट्रेट में एक दिन की डीएम बनी श्रद्धा, जमीन कब्जे की सुनी शिकायतें, दिए समाधान के निर्देश
Kanpur News: मिशन शक्ति के तहत परितोष इंटर कॉलेज, नौबस्ता की हाईस्कूल टॉपर श्रद्धा को एक दिन का जिलाधिकारी बनाया गया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
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कानपुर में कलेक्ट्रेट परिसर एक अनोखे दृश्य का साक्षी बना, जब हाईस्कूल पास श्रद्धा ने एक दिन के लिए जिलाधिकारी की कुर्सी संभाली। आत्मविश्वास से भरी बच्ची ने जमीन संबंधित समस्याएं सुनीं, अधिकारियों से संवाद किया और कुछ प्रकरणों पर तत्काल समाधान के निर्देश भी दिए। मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत बेटियों को सशक्त बनाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई।
इसी क्रम में कानपुर नगर प्रशासन द्वारा शहर की हाईस्कूल की मेधावी बालिकाओं में से परितोष इंटर कालेज, नौबस्ता को एक दिन की जिलाधिकारी बनाया गया। सुबह 10 बजे श्रद्धा अपने माता-पिता के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां वास्तविक जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उनका स्वागत किया और उन्हें डीएम की कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई कक्ष में पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुनीं। बालिका डीएम ने ध्यानपूर्वक शिकायतें सुनी।
कई लोगों ने बालिका डीएम के साथ तस्वीरें खिंचवाईं
संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी और कई मामलों में मौके पर ही निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी इस अनोखे क्षण के साक्षी बने। कई लोगों ने बालिका डीएम के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसकी प्रशंसा की। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को बढ़ावा देना है।
जनता की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में अन्य विद्यालयों की मेधावी छात्राओं को भी इसी तरह का अवसर दिया जाएगा। इस दौरान सोनाली ने कहा किमैं चाहती हूं कि हर बच्ची को ऐसा मौका मिले, जिससे वह समझ सके कि प्रशासनिक जिम्मेदारी क्या होती है। आज मैंने महसूस किया कि डीएम बनना सिर्फ पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी है।