Kanpur SGST Raid: ट्रांसपोर्टर और स्क्रैप कारोबारी के दो गोदामों पर छापा; एल्युमिनियम और कॉपर का स्क्रैप मिला
Kanpur News: एसजीएसटी ने ट्रांसपोर्टर के दो गोदामों पर छापा मारकर भारी मात्रा में स्क्रैप और पान मसाला रैपर बरामद किए हैं। मामले में करोड़ों की कर चोरी की आशंका है।
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कानपुर में एसजीएसटी की टीम ने शुक्रवार को ट्रांसपोर्टर और स्क्रैप कारोबारी के दो गोदामों पर छापा मारा। दोनों गोदामों की जानकारी ट्रांसपोर्टर ने विभाग को नहीं दी थी। एक गोदाम में एल्युमिनियम और कॉपर का स्क्रैप मिला है, जिसका वजन कराया जा रहा है। दूसरे गोदाम में नमकीन और पान मसाला रैपर बड़े पैमाने पर मिले हैं। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे दो दर्जन एसजीएसटी अधिकारियों ने दोनों जगहों को अपने कब्जे में ले लिया।
देर रात तक जारी कागजातों की जांच जारी रही। शुरूआती जांच में बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा हुआ है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित स्क्रैप कारोबारी के गोदाम और कार्यालय पर शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे एसजीएसटी टीमें पहुंचीं। टीमों ने दोनों परिसरों की घेराबंदी करते हुए कर्मचारियों की आवाजाही रोक दी। कागजी दस्तावेजों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू कर दी।
खुफिया इनपुट के आधार पर की गई कार्रवाई
बताया गया कि प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर लेनदेन में गड़बड़ी और कर चोरी के साक्ष्य मिले हैं। अधिकारियों ने कंप्यूटर डाटा, बिल-बुक, ई-वे बिल और अन्य वित्तीय अभिलेखों को कब्जे में लेकर जांच की। देर रात तक टीमों की कार्रवाई जारी रही। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई।
टैक्स चोरी की सटीक रकम का खुलासा किया जाएगा
देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं जिनसे कर चोरी का दायरा और बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही टैक्स चोरी की सटीक रकम का खुलासा किया जाएगा। डीसी एसआईबी संतोष कुमार सिंह, एसी संजय कुमार सिंह और सीटीओ रमेश तिवारी अन्य अफसरों के साथ देर रात तक जांच-पड़ताल करते रहे।
पहले भी कार्रवाई की जद में आए हैं कारोबारी
एसजीएसटी की छापेमारी में फंसे ट्रांसपोर्टर और स्क्रैप कारोबारी के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी हैं। छह माह पहले डीजीजीआई ने कारोबारी के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। बताया गया कि उस कार्रवाई में भी व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां मिली थीं। सूत्रों ने बताया कि मुनाफा अधिक व टैक्स कम देने का सिलसिला कई वर्षों से जारी रहने से शक हुआ।