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स्वच्छता एप डाउनलोड करने में कानपुर दूसरे स्थान पर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:56 AM IST
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केंद्र सरकार का स्वच्छता मिशन सर्वेे चल रहा है
स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता एप डाउनलोड करने में गाजियाबाद प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। यहां 60050 लोगों ने एप डाउनलोड की है। 41110 लोगों द्वारा एप डाउनलोड करने के बाद कानपुर दूसरे स्थान पर है। एप डाउनलोड करने में गाजियाबाद नगर निगम पहले नंबर पर हो, बड़ी चुनौती एप पर दर्ज होने वाली शिकायतों का समय पर निस्तारण करने की है।
केंद्र सरकार का स्वच्छता मिशन सर्वेे चल रहा है। सर्वेक्षण के तहत केंद्रीय टीम आकर शहर के स्वच्छता कार्यों को परखेगी और नंबर देगी। नगर आयुक्त सीपी सिंह ने बताया कि पूर्व में स्वच्छता एप डाउनलोड कराने के मामले में प्रदेश में कानपुर का पहला स्थान था। अब गाजियाबाद का पहला स्थान हो गया है। यहां पर 60050 शहरवासियों ने यह एप डाउनलोड कर रखा है और उसमें अपनी कालोनियों की शिकायतें भेज रहे हैं। निगम प्रशासन की कोशिश रहती है कि 12 से 48 घंटे के अंदर शिकायतों का निस्तारण हो जाए। स्वच्छता मिशन के अंतर्गत केंद्रीय टीम 4 हजार अंकों में से नंबर देगी। उसके आधार पर रैंकिंग दी जाएगी। उन्हाेंने बताया कि एप डाउनलोड के 400 अंक है। जबकि फीडबैक यानी नगर निगम के कार्यों के बारे में शहरवासी क्या सोचते हैं, उसके 1400 अंक है। निगम प्रशासन की पूरी कोशिश रहेगी कि वह ज्यादा से ज्यादा अंक लाकर स्वच्छता सर्वेक्षण की अंतिम सूची में शामिल हो सके।
35 हजार शिकायतें दर्ज
नवंबर 2017 से लेकर अब तक करीब 34 हजार लोगों ने एप के माध्यम से जलभराव, कूड़ा व शौचालय संबंधी शिकायतें दर्ज कराई है। मौजूदा समय में भी औसतन प्रतिदिन 250-300 शिकायतें दर्ज की जाती है, जिनमें से काफी शिकायतों को निस्तारण नहीं हो पाता है। हालांकि निगम प्रशासन दावा कर रहा है कि वो एप पर दर्ज अधिकतम शिकायतों को निस्तारण कर रहा है।
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केंद्र सरकार का स्वच्छता मिशन सर्वेे चल रहा है। सर्वेक्षण के तहत केंद्रीय टीम आकर शहर के स्वच्छता कार्यों को परखेगी और नंबर देगी। नगर आयुक्त सीपी सिंह ने बताया कि पूर्व में स्वच्छता एप डाउनलोड कराने के मामले में प्रदेश में कानपुर का पहला स्थान था। अब गाजियाबाद का पहला स्थान हो गया है। यहां पर 60050 शहरवासियों ने यह एप डाउनलोड कर रखा है और उसमें अपनी कालोनियों की शिकायतें भेज रहे हैं। निगम प्रशासन की कोशिश रहती है कि 12 से 48 घंटे के अंदर शिकायतों का निस्तारण हो जाए। स्वच्छता मिशन के अंतर्गत केंद्रीय टीम 4 हजार अंकों में से नंबर देगी। उसके आधार पर रैंकिंग दी जाएगी। उन्हाेंने बताया कि एप डाउनलोड के 400 अंक है। जबकि फीडबैक यानी नगर निगम के कार्यों के बारे में शहरवासी क्या सोचते हैं, उसके 1400 अंक है। निगम प्रशासन की पूरी कोशिश रहेगी कि वह ज्यादा से ज्यादा अंक लाकर स्वच्छता सर्वेक्षण की अंतिम सूची में शामिल हो सके।
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35 हजार शिकायतें दर्ज
नवंबर 2017 से लेकर अब तक करीब 34 हजार लोगों ने एप के माध्यम से जलभराव, कूड़ा व शौचालय संबंधी शिकायतें दर्ज कराई है। मौजूदा समय में भी औसतन प्रतिदिन 250-300 शिकायतें दर्ज की जाती है, जिनमें से काफी शिकायतों को निस्तारण नहीं हो पाता है। हालांकि निगम प्रशासन दावा कर रहा है कि वो एप पर दर्ज अधिकतम शिकायतों को निस्तारण कर रहा है।
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