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Kanpur: पद्मश्री के लिए धनीराम पैंथर और रंजीत सिंह के नामों की संस्तुति, डीएम ने दोनों के नाम सरकार को भेजे
Mon, 11 Aug 2025 10:06 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 11 Aug 2025 10:06 PM IST
सार
लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने की सेवा और ताम्रपत्रों पर चित्र उकेरने की कला के लिए ने डीएम ने दोनों के नाम सरकार को भेजे हैं।
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धनीराम पैंथर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपने काम से शहर में पहचान बनाने वाले धनीराम पैंथर और रंजीत सिंह के नाम की संस्तुति जिलाधिकारी ने पद्मश्री अवार्ड 2026 के लिए केंद्र सरकार से की है। धनीराम का नाम विशिष्ट सेवा और रंजीत सिंह का नाम विशिष्ट कला के लिए भेजा गया है। अवार्ड के लिए नाम भेजे जाने पर दोनों लोग काफी खुश हैं।
शहर में अक्सर मिलने वाले लावारिस शव पोस्टमार्टम हाउस में कई बार रखे-रखे सड़ जाते थे। धनीराम ने इसके लिए एक अभियान शुरू किया। इसके तहत वह लावारिस शवों को कंधा देते और उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करते हैं। अब तक वह सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। वहीं, रंजीत सिंह की उम्र 80 से ज्यादा हो चुकी है। इसके बाद भी उन्होंने दशकों पुरानी ताम्रपत्र की कला को जीवित रखा है।
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शहर में अक्सर मिलने वाले लावारिस शव पोस्टमार्टम हाउस में कई बार रखे-रखे सड़ जाते थे। धनीराम ने इसके लिए एक अभियान शुरू किया। इसके तहत वह लावारिस शवों को कंधा देते और उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करते हैं। अब तक वह सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। वहीं, रंजीत सिंह की उम्र 80 से ज्यादा हो चुकी है। इसके बाद भी उन्होंने दशकों पुरानी ताम्रपत्र की कला को जीवित रखा है।
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रंजीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
रंजीत सिंह ताम्रपत्रों पर जीवंत चित्र उकेरते हैं। उन्होंने अभी तक अयोध्या के राम मंदिर, पीएम मोदी समेत कई महानुभावों और ऐतिहासिक पलों के चित्र ताम्रपत्र पर उकेरे हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शहर से दोनों नाम केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। हालांकि पद्मश्री मिलने की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। पूरे देश से हजारों नाम भेजे जाते हैं जिसमें से चुनिंदा लोगों को पद्मश्री दिया जाता है।