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Kanpur: रमजान का दिखा चांद, मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह, लोगों ने एक-दूसरे को दी मुबारकबाद
Thu, 19 Feb 2026 12:00 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:00 AM IST
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रमजान
- फोटो : अमर उजाला
रमजान का चांद बुधवार को नजर आते ही मुस्लिम समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। चांद दिखाई देते ही लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद देने लगे। इसके साथ ही हलीम मुस्लिम ग्राउंड में ईशा की नमाज के बाद तरावीह अदा की गई। यहां सातवें रोजे तक तरावीह पढ़ी जाएगी।
बुधवार को मगरिब की नमाज के बाद लोग छतों पर चांद देखने के लिए निकले, लेकिन शुरुआत में चांद नहीं दिखा तो मायूस हुए। थोड़ी देर बाद चांद की तस्दीक हुई और मुस्लिम क्षेत्रों में चहल-पहल बढ़ गई। लोग मस्जिदों में इबादत करने पहुंचे। ईशा की नमाज के बाद तरावीह शुरू हुई और मस्जिदें भरी रहीं। घरों में भी महिलाएं और बच्चे नमाज पढ़ते नजर आए। बाजारों में रौनक रही, लोग खजूर, सेंवई और सूतफेनी की खरीदारी करते दिखे। शहरकाजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही ने बताया कि रमजान में ईशा की नमाज के बाद तरावीह होती है, जिसमें कुरानी की तिलावत की जाती है। ये इबादत इंसान की रूहानियत बढ़ाती है और अल्लाह के करीब जाने का जरिया बनती है। नायब शहरकाजी कारी सगीर आलम हबीबी ने कहा कि रमजान का मुख्य उद्देश्य इबादत, संयम, समानता, खिदमत और प्यार है। ये महीना हमें सच्चाई और उस रब के बताए रास्ते पर चलने का तरीका बताता है।
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बुधवार को मगरिब की नमाज के बाद लोग छतों पर चांद देखने के लिए निकले, लेकिन शुरुआत में चांद नहीं दिखा तो मायूस हुए। थोड़ी देर बाद चांद की तस्दीक हुई और मुस्लिम क्षेत्रों में चहल-पहल बढ़ गई। लोग मस्जिदों में इबादत करने पहुंचे। ईशा की नमाज के बाद तरावीह शुरू हुई और मस्जिदें भरी रहीं। घरों में भी महिलाएं और बच्चे नमाज पढ़ते नजर आए। बाजारों में रौनक रही, लोग खजूर, सेंवई और सूतफेनी की खरीदारी करते दिखे। शहरकाजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही ने बताया कि रमजान में ईशा की नमाज के बाद तरावीह होती है, जिसमें कुरानी की तिलावत की जाती है। ये इबादत इंसान की रूहानियत बढ़ाती है और अल्लाह के करीब जाने का जरिया बनती है। नायब शहरकाजी कारी सगीर आलम हबीबी ने कहा कि रमजान का मुख्य उद्देश्य इबादत, संयम, समानता, खिदमत और प्यार है। ये महीना हमें सच्चाई और उस रब के बताए रास्ते पर चलने का तरीका बताता है।
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