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कानपुर: फेसबुक में आश्रम की पोस्ट देख पागल बाबा तक पहुंची थी पुलिस, 23 दिन तक की रेकी
Mon, 05 Oct 2026 09:32 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 05 Oct 2026 09:32 PM IST
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राम प्रकाश उर्फ पागलदास बाबा
- फोटो : अमर उजाला
लूट और हत्या के प्रयास में वांछित चल रहा कन्नौज निवासी राम प्रकाश उर्फ पागलदास बाबा 40 साल बाद आसानी से हाथ नहीं लगा बल्कि उसके लिए पुलिस को 23 दिन तक रेकी करनी पड़ी। पुलिस रामप्रकाश के कन्नौज स्थित पैतृक गांव नौसेरा पहुंची। वहां पता चला कि वह साधु बन गया है। इस बीच उसके बरेली स्थित बरी बाबा आश्रम का फेसबुक अकाउंट पुलिस के हाथ लग गया। इसमें आश्रम का पता और फोटो भी अपलोड थी।
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कानपुर पुलिस की टीम आश्रम पहुंची और पागल बाबा के रूप में छिपकर बैठे रामप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद बाबा ने पुलिस से पूछताछ में कहा कि उसे लगा कि जेल जाने से बेहतर बाबा बनकर आश्रम में रहना था। बता दें कि काकादेव स्थित नई बस्ती में रहते हुए राम प्रकाश के खिलाफ 1986 में फजलगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले अशोक सोनी ने 40 हजार रुपये लूटने और हत्या का प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस ने मामले में राम प्रकाश को जेल भेजा था। वह मूलरूप से कन्नौज के गुरसहायगंज के नौसेरा गांव का रहने वाला था। जमानत मिलने के बाद से ही रामप्रकाश लापता था। कई थानेदार आए और चले गए लेकिन रामप्रकाश का कोई सुराग नहीं लगा। कुछ दिन पहले फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय पांडे रामप्रकाश के के पैतृक घर कन्नौज के नौसेरा गांव पहुंचे तो वहां उसके कहीं पर बाबा बनकर रहने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने लगातार सोशल मीडिया पर भी रामप्रकाश की तलाश की गई। फेसबुक की मदद से उसके आश्रम का पता चलने पर पुलिस ने बरेली के गजनेरा गांव के पास जंगल में आश्रम से उसे गिरफ्तार कर लिया।
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