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कानपुर: ‘छत से गिरता प्लास्टर और दीवारों में दरारें’, जर्जर भवन में चल रही कक्षाएं, हादसे के इंतजार में विभाग

Wed, 30 Sep 2026 12:54 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 30 Sep 2026 12:54 PM IST
सार

Kanpur News: सरसौल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय हृदयखेड़ा, ग्राम शिशुपुर में नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। विद्यालय का मुख्य भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जहां छत से प्लास्टर गिरने और दीवारों में गहरी दरारें आने के बावजूद बच्चों को पढ़ाने की मजबूरी बनी हुई है।

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Kanpur Plaster falling from the ceiling and cracks in the walls classes being held in a dilapidated building
प्राथमिक विद्यालय हृदयखेड़ा का जर्जर भवन - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में नरवल तहसील के सरसौल ब्लॉक के ग्राम शिशुपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय हृदयखेड़ा की हालत देखकर आप भी कहेंगे कि आखिर बच्चों की जान कितनी सस्ती है। शिक्षा के मंदिर का मुख्य भवन पूरी तरह जर्जर और जीर्णशीर्ण हो चुका है।

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छत से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें हैं, लेकिन विभाग आंख मूंदे बैठा है। प्रधानाध्यापिका ने खुद सोशल मीडिया ग्रुप में गुहार लगाई है। उन्होंने लिखा है कि भवन की स्थिति फोटो में साफ दिख रही है। मजबूरी में बच्चों को अतिरिक्त कक्ष में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

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Kanpur Plaster falling from the ceiling and cracks in the walls classes being held in a dilapidated building
स्कूल की छत से गिरता प्लास्टर - फोटो : amar ujala

बरसात में स्थिति और खतरनाक हो गई
स्कूल में पर्याप्त क्लासरूम नहीं हैं, एक ही कक्षा में दो-दो शिक्षकों को एक साथ पढ़ाना पड़ता है।ऑफिस तक नहीं है, दूसरे क्लास में ही ऑफिस और पढ़ाई दोनों चल रहे हैं। बरसात में स्थिति और खतरनाक हो गई है। जर्जर भवन परिसर में ही खड़ा है, कभी भी भरभराकर गिर सकता है।

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Kanpur Plaster falling from the ceiling and cracks in the walls classes being held in a dilapidated building
प्राथमिक विद्यालय हृदयखेड़ा का जर्जर भवन - फोटो : amar ujala

एबीएसए का फोन नहीं उठ सका
मासूमों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। ग्रामीणों ने भी सवाल करते हुए कहा कि जब एक मंदिर बनाने के लिए सब आगे आते हैं, तो क्या शिक्षा के मंदिर के लिए शासन-प्रशासन नहीं जागेगा। बड़े हादसे के बाद ही विभाग जागेगा। प्रकरण में एबीएसए से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका।

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