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कानपुर: बस रुकवाने का जुगाड़ बना पैनिक बटन, एक महीने में आए 131 फर्जी इमरजेंसी अलर्ट, RM बोले- जागरूकता की कमी

Wed, 04 Nov 2026 12:03 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 04 Nov 2026 12:03 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर परिक्षेत्र की उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की रोडवेज बसों में अक्टूबर माह में पैनिक बटन के जरिए कुल 131 फर्जी इमरजेंसी अलर्ट दर्ज किए गए। पड़ताल में सामने आया कि यात्रियों ने ट्रेन की अलार्म चेन की तरह बस रुकवाने या गलती से पैनिक बटन दबा दिया था।

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Kanpur Panic button misused to stop buses 131 fake emergency alerts received in one month
बस पैनिक बटन - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में रोडवेज बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए पैनिक बटन का इस्तेमाल अब बस रुकवाने के लिए किया जा रहा है। यात्रियों की इस नासमझी के चलते अक्तूबर में कानपुर परिक्षेत्र की बसों में 131 बार पैनिक बटन दबाए गए। कंट्रोल रूम से पड़ताल करने पर यात्रियों ने बताया कि उन्होंने गलती से या बस रुकवाने के लिए बटन दबाया था।

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उन्हें लगा कि ट्रेन की चेन की तरह इससे बस भी रुक जाएगी। दरअसल, रोडवेज बसों में छेड़छाड़, अभद्रता, उत्पीड़न या किसी अन्य आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए पैनिक बटन लगाए गए हैं। इसे दबाते ही लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम में अलर्ट पहुंच जाता है। इसके बाद बस की लोकेशन और अन्य जानकारी जुटाकर चालक-परिचालक से संपर्क किया जाता है।

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नई बसों में काम कर रही है व्यवस्था
जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद भी उपलब्ध कराई जाती है। परिवहन निगम के कानपुर परिक्षेत्र में कुल 741 बसें हैं। वर्ष 2018 के बाद खरीदी गई पुरानी बसों में पैनिक बटन लगवाए गए हैं, जबकि नई बीएस-6 बसों में पहले से ही 10 से 12 बटन लगे होते हैं। हालांकि, परिक्षेत्र की ज्यादातर पुरानी बसों में पैनिक बटन खराब होने की शिकायत है। वहीं, नई बसों में यह व्यवस्था काम कर रही है।

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जागरूकता की कमी से बढ़ रहे फर्जी अलर्ट
अक्तूबर में मिले 131 अलर्ट के बाद कंट्रोल रूम ने संबंधित बसों के चालक-परिचालक से संपर्क किया। पूछताछ में यात्रियों ने बस रुकवाने के लिए बटन दबाने की बात बताई। इससे स्पष्ट है कि यात्रियों को पैनिक बटन के वास्तविक उपयोग की जानकारी नहीं है। कई चालक-परिचालक भी इसकी कार्यप्रणाली और महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।

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पैनिक बटन का उद्देश्य संकट में फंसे यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। अनावश्यक रूप से बटन दबाने से वास्तविक आपातकालीन सूचनाओं पर भी असर पड़ सकता है। इसके सही इस्तेमाल के लिए यात्रियों और रोडवेज कर्मचारियों को जागरूक किया जाएगा।  -महेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज

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