लापरवाही की हद: पांच माह से पंचायतें नींद में, कार्य न योजना और विकास ठप, डीपीआरओ बोले- जल्द होगी फीडिंग
Kanpur News: उत्तर प्रदेश की 10 हजार और कानपुर की 548 ग्राम पंचायतों ने वित्तीय वर्ष के पांच महीने बीतने के बाद भी ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कार्ययोजना फीड नहीं की है। इससे वर्क आईडी और बजट भुगतान रुक गया है, जिससे गांवों में बुनियादी विकास कार्य ठप पड़े हैं; विभाग ने 10 सितंबर तक अंतिम मौका दिया है।
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कानपुर में वित्तीय वर्ष का पांचवां महीना भी बीत गया, लेकिन गांवों में विकास की तस्वीर बदलने के दावे करने वाला पंचायती राज विभाग अभी तक ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना फीड कराने में सफल नहीं हो सका है। इसमें कानपुर जिले में 548 ग्राम पंचायतों का कार्ययोजना फीड नहीं हो सकी है। विकास कार्य शुरू करना तो दूर, ये पंचायतें यह भी तय नहीं कर सकीं कि पूरे साल गांव में करना क्या है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कार्ययोजना फीड न होने से प्रदेश की करीब 10 हजार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की पूरी प्रक्रिया ही अटक गई है। समय से कार्ययोजना फीड न होने पर निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह ने सभी जिलों के डीपीआरओ को पत्र भेजकर समय से फीड कराने के निर्देश दिए। प्रदेश के 75 जिलों में 57,694 ग्राम पंचायतें हैं।
कार्ययोजना अब तक फीड नहीं हो सकी
इनमें अभी तक 48,694 पंचायतों की कार्ययोजना ही फीड हो सकी है। बड़ी संख्या में पंचायतें अब भी पोर्टल से बाहर हैं। इसमें कानपुर जिला भी काफी पीछे है। 590 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन इनमें से 548 पंचायतों की कार्ययोजना अब तक फीड नहीं हो सकी है। यानी जिले की करीब 95 फीसदी पंचायतें समय पर कार्ययोजना तैयार कर पोर्टल पर दर्ज कराने में नाकाम रही हैं।
कार्यों की योजना आखिर कब बनेगी
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब वित्तीय वर्ष शुरू हुए पांच महीने बीत चुके हैं, तो पंचायतों में विकास कार्यों की योजना आखिर कब बनेगी और जमीन पर काम कब शुरू होगा? गांवों में सड़क, नाली, जलनिकासी, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों के हिस्से में फिलहाल सिर्फ इंतजार आया है।
समयसीमा बढ़ी, अब आखिरी चेतावनी
कार्ययोजना फीड करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी, जिसे बढ़ाकर 10 सितंबर कर दिया गया है। विभाग ने पंचायतों को एक और मौका देकर साफ कर दिया है कि अब लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। यदि 10 सितंबर तक कार्ययोजना फीड नहीं हुई्, तो संबंधित ग्राम पंचायतें वर्क आइडी जनरेट नहीं कर सकेंगी और विकास कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाएगी। यानी पंचायतों की यह लापरवाही सीधे विकास बजट और गांवों में होने वाले कामों पर असर डालेगी।
एक नजर ग्राम पंचायतों के आंकड़े पर
ब्लॉक ग्राम पंचायत
भीतरगांव 74
बिल्हौर 48
चौबेपुर 58
घाटमपुर 72
ककवन 25
कल्याणपुर 40
पतारा 50
सरसौल 62
शिवराजपुर 63
बिधनू 56
प्रधानों के प्रशासक पद पर तैनाती के बाद शासन स्तर से साफ निर्देश न जारी हो पाने के कारण कार्ययोजना फीड करने में देरी हुई है। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना फीड कराई जाएगी। -मनोज कुमार, डीपीआरओ