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कानपुर पंचायत चुनाव: ग्रामीणों के 'मत' से भाजपा का 'मन' खट्टा, यहां रहा सबसे खराब प्रदर्शन

Sun, 09 May 2021 10:15 AM IST
शिखा पांडेय सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 09 May 2021 10:15 AM IST
सार

वजह यह कि सत्ताधारी दल के मौजूदा सांसद, विधायकों के होने के बावजूद सपा-बसपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सबसे बेहतर प्रदर्शन समाजवादी पार्टी का रहा, जबकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है।

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kanpur Panchayat Election 2021 update, Analysis report
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में जिला पंचायत चुनाव के नतीजों को प्रदेश के ग्रामीण मतदाताओं के मन और आगामी विधानसभा चुनाव की रिहर्सल के रूप में देखा जा रहा है। कानपुर नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत सदस्यों की हार-जीत पर नजर डाली जाए तो यह भाजपा के मौजूदा विधायकों के लिए खतरे की घंटी है।
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वजह यह कि सत्ताधारी दल के मौजूदा सांसद, विधायकों के होने के बावजूद सपा-बसपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सबसे बेहतर प्रदर्शन समाजवादी पार्टी का रहा, जबकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है।
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घाटमपुर में सिर्फ एक सीट पा सकी भाजपा
घाटमपुर विधानसभा चुनाव क्षेत्र के हिसाब से भाजपा को जिला पंचायत की सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल हुई है। वह भी घाटमपुर की विधायक और कैबिनेट मंत्री रहीं दिवंगत कमलरानी वरुण की बेटी स्वप्निल वरुण ने जीती है। स्वप्निल पतारा ब्लॉक के गिरसी से जिला पंचायत सदस्य बनी हैं।
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बाकी 10 सीटों में चार सपा, तीन-तीन बसपा और निर्दलियों (एक निषाद पार्टी) के खाते में गई हैं। कमलरानी वरुण के निधन के बाद भाजपा ने यहां से उपेंद्र पासवान को टिकट देकर विधायक बनवाया है। अगर पंचायत चुनावों के नतीजों को विधानसभा चुनाव परिणाम माना जाए तो तस्वीर पलटती नजर आ रही है।

भगवती सागर और सांगा को भी भांपना होगा मूड
बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक भगवती सागर हैं और बिठूर सीट भी भाजपा के अभिजीत सिंह सांगा के पास है। लेकिन, पंचायत चुनाव के नतीजों से ऐसा लगता है कि अभी यह लोग ग्रामीण वोटरों का बदला मूड भांप नहीं सके हैं। बिल्हौर क्षेत्र से भाजपा ने तीन पंचायत सदस्य जितवाएं हैं, जबकि यहां की 11 सीटों में भी सपा के छह और एक-एक सीट बसपा व निर्दलीय के खाते में गई है।

कई जगहों पर बसपा दूसरे नंबर पर रही और उसका वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। इन नतीजों के आधार पर आकलन करें तो भाजपा को विधानसभा क्षेत्र में बहुत मेहनत करनी होगी। बिठूर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने चार सीटें जीती हैं, लेकिन भीतरगांव ब्लॉक के बीरनखेड़ा की 207 वोटों से संघर्षपूर्ण जीत और कुंदौली से सपा के अतर सिंह की जीत से बिठूर का अंदाजा लगाया जा सकता है। बिधनू, कल्याणपुर जैसे ब्लॉक में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है।

शहरी क्षेत्र से है महाराजपुर, कल्याणपुर की मजबूती
मौजूदा हालात में महाराजपुर और कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र की स्थिति यहां लगने वाले शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं की वजह से बेहतर है। लेकिन, ग्रामीण इलाकों की बात करें तो प्रदर्शन अच्छा नहीं है। महाराजपुर सीट से कैबिनेट मंत्री सतीश महाना विधायक हैं।

यहां के सरसौल ब्लॉक की तीन सीटों में एक सिकठिया पर ही भाजपा जीती। बाकी नरवल और सरसौल सपा के खाते में चली गईं। महाराजपुर में शहर का जाजमऊ, चकेरी और कल्याणपुर क्षेत्र में शहर का अशोक नगर, कल्याणपुर शहरी क्षेत्र तक का इलाका आता है, जहां फिलहाल भाजपा मजबूत है।

इन नतीजों को विधानसभा चुनाव से जोड़ना ठीक नहीं होगा, क्योंकि यह व्यक्तिगत चुनाव होता है और बिना पार्टी सिंबल के होता है। एक पार्टी के कई समर्थक आमने-सामने होते हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी, एक सिंबल होता है। विधानसभा चुनाव में भाजपा की ही जीत होगी। हमने समीक्षा की है। घाटमपुर में पार्टी अच्छा नहीं कर सकी, जो सीटें दोगुनी हुई हैं, वह संगठन की मेहनत से है।- कृष्ण मुरारी शुक्ला, जिलाध्यक्ष, नगर ग्रामीण इकाई, भाजपा

विपक्ष में रहते हुए पहली बार सपा के 12 जिला पंचायत सदस्य जीते हैं। इससे साफ है कि जनता को सपा प्रमुख अखिलेश यादव की छवि और उनके कराए गए काम अब याद आ रहे हैं, जिसे वह वोट देकर समर्थन कर रही है। पंचायत चुनाव के नतीजों से यह साफ हो गया है कि 2022 में उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने जा रही है।- राघवेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, नगर ग्रामीण इकाई, सपा

पिछली बार जिला पंचायत सदस्य की छह सीटें थीं, इस बार पांच जीते हैं। तब करीब 80 विधायक थे, जो इस बार नहीं हैं। इसके बावजूद बसपा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। पंचायत चुनाव के प्रदेश भर में नतीजों से बेहतर परिणाम आगामी विधानसभा चुनाव के होंगे। गांव में लोगों ने अब सभी को आजमा लिया है और विधानसभा चुनाव में बसपा को वोट देकर सरकार बनवाएंगे। - रामशंकर कुरील, जिलाध्यक्ष, बसपा
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